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मगर इसके साथ साथ अफसोस की बात है कि भगवती पुरम में हिंदुस्तान लिवर कम्पनी में काम करने वाले कुछ कर्मचारी पढ़ लिखकर भी अशिक्षित की भांति स्वच्छता के विषय मे ग्राम पंचायत को सहयोग नही कर रहे हैं। पिछले वर्ष भी हिंदुस्तान लीवर कंपनी की वजह से भगवती पुरम कॉलोनी सील की गई थी क्योंकि हिंदुस्तान लीवर कंपनी के वर्कर कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। लेकिन अब यही लोग अनावश्यक तर्क देकर मात्र 50 रुपये मासिक शुल्क देने से बच रहे हैं। जिसकी वजह से सफाई कर्मचारीयो को निराश होना पड़ रहा है। इन लोगों ने कूड़ा उठाने के लिए मना कर दिया हैं। क्योंकि पूरी कॉलोनी स्वच्छता शुल्क दे रही है। इस विषय को लेकर माननीय जिलाधिकारी महोदय को भी अवगत कराने की योजना है। हिंदुस्तान लीवर कंपनी को भी चाहिए अगर अपने वर्करों को प्रतिदिन कंपनी में बुलाना है तो कोरोना काल मे अपने कर्मचारियों को वही कम्पनी में रोकने की व्यवस्था करें। गांववासियों का कहना है कि इनका प्रतिदिन गांव में आना जाना इस कोरोना महामारी में सही नहीं है। क्योंकि गतवर्ष भी सिडकुल की हिंदुस्तान लिवर कम्पनी के कर्मचारियों से ही गांव संक्रमण फैला था। गांव में मजदूर, किसान प्रतिदिन अपने खेतों में कार्य के लिए जाना पड़ता है, और मजदूर भी किसानों के यहां खेतों में कार्य करने के लिए जाते हैं। इन मजदूर, किसानों को ऐसे कर्मचारियों से संक्रमित होने का खतरा है। इसीलिए राज्य सरकार को चाहिए जो कंपनी अपने वर्करों को कंपनी में कार्य के लिए बुला रही हैं वह कंपनी अपने वर्करों की रुकने की व्यवस्था कंपनी में ही करें। अब गांव में भी इन वर्करों के प्रति दिन आने जाने का कंपनियों में विरोध होने लगा है। अगर यह वर्कर कंपनियों में ही रुकने की व्यवस्था करेंगे तो यह जनहित में बहुत अच्छा कदम होगा। नूतन कुमार ने बताया कि सैनिटाइजर का कार्य जियापोता के पश्चात कटारपुर में भी किया जाएगा। इस अवसर पर संदीप कुमार, संजय भाटी, नरेंद्र प्रधान, अरुण कश्यप, संदीप पालीवाल, अर्जुन, पंकज, विकास पालीवाल, नेत्रपाल, पुष्पा सिंह, अजय भाटी, ललित मोहन, नरेश आदि लोग मौजूद रहे।



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