हरिद्वार की गूंज (24*7)

(रजत चौहान) हरिद्वार। लगभग 1 साल बाद फिर से पूरी दुनिया में इस कोरोना वायरस का संक्रमण फिर से बढ़ रहा है। पिछले वर्ष 21 मार्च 2020 को भारत में जनता कर्फ्यू लगाया गया था, आज भी करीब 1 वर्ष बाद वापस वही समीकरण बनते नजर आ रहे हैं। इस अनचाहे मेहमान ने सबकी जिंदगीयों को हिला कर रख दिया है, इस वायरस की वजह से हम सभी लोगों ने अपनी जीवन शैली पर दोबारा से चिंतन किया या यह कह सकते हैं कि  अनुशासन को अपनाने के परिणाम स्वरूप काफी लोग इस संक्रमण की चपेट में आने से बचे भी हैं। अनुशासन का महत्व सबसे ज्यादा समझाया है इस वायरस ने अगर हम थोड़ी सी भी चूक करेंगे तो इसका परिणाम काफी गंभीर हो सकता है। इस कोरोना वायरस ने लोगों की मानसिकता में जमीन आसमान का अंतर किया है, कोरोनावायरस ने हमारी मानसिकता के साथ-साथ हमारे रहन-सहन में काफी परिवर्तन करवाया है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन तो किया जा रहा है पर हृदय  से लोग एक दूसरे के पास आए हैं, कोरोन। काल में लोगों ने खूब बढ़ चढ़कर एक दूसरे का साथ दिया तथा एक दूसरे के दर्द को महसूस किया है। पर यह अत्यधिक चिंता का विषय भी है कि पूरे विश्व में इस विनाश कार्यकारी महामारी ने तबाही मचा रखी है दुख की बात यह है कि तमाम कोशिशों के बावजूद भी इस पर पूर्णता रोकथाम नहीं  लग पा रही है। खुद को करो ना से बचाने के लिए सावधानी का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। 

जैसे

1. हमेशा अपने हाथ धोएं

2. सब से 5 फीट की दूरी बना कर चलना आवश्यक है।

3. आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकले।

4. अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करें।

5. मास्क का उपयोग अवश्य करें। 

वर्तमान में भारत समेत अन्य देशों ने वैक्सीन जारी की है भारत द्वारा दो वैक्सीन का निर्माण किया गया है। कोविड शील्ड वैक्सीन, इस वैक्सीन का उत्पादन भारत में सिरम इंस्टीट्यूट द्वारा किया जा रहा है। दूसरी वैक्सीन को वैक्सीन है जिस का उत्पादन भारत बायोटेक द्वारा किया जा रहा है। इसके अलावा भारत ने वैक्सीन के उत्पादन के बाद इसे अन्य 65 देशों में उपलब्ध भी कराया है। वायरस जैसे वायरस शरीर के बाहर बहुत ज्यादा समय तक जिंदा नहीं रह सकते। इस वायरस को लेकर लोगों में एक अलग ही बेचैनी देखने को मिलती है। इसके संक्रमण को फैलने से रोकना अति आवश्यक है संक्रमित होने की अवस्था में पूर्ण आइसोलेशन अत्यंत आवश्यक है। एक संपूर्ण स्वस्थ समाज के लिए इसकी पूर्ण रोकथाम आवश्यक है। हम सभी को यह प्रयास करने चाहिए कि  इसको समाप्त करने के लिए सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करें इससे पहले भी कई तरह की महामारी आई हैं जिस पर हमने पूरी तरह से विजय हासिल की है। सकारात्मक रूप से सोचते हुए तथा सभी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए एक अनुशासित जिंदगी से काफी हद तक हम लोग इसको हरा सकते हैं। नकारात्मक विचारों का ज्यादा आदान-प्रदान ना करें जहां तक संभव हो सकारात्मकता से ही प्रचार प्रसार किया जाना चाहिए।।

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