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(रजत चौहान) हरिद्वार। शांतिकुंज द्वारा चलाये जा रहे गायत्री मंत्र लेखन अभियान में विश्व रिकॉर्ड बना है। ये रिकार्ड गुजरात के अरवल्ली जिले के मोडासा निवासी मंगलदास ईश्वरदास कडिया के नाम हुआ। मंगलदास 2013 से 2019 के बीच सात लाख बहत्तर हजार आठ मंत्रों का लेखन किया। उन्होंने तीन सौ बाईस गायत्री मंत्र लेखन किताबों का अनवरत लेखन किया है। विश्व रिकार्ड इंडिया की प्रमुख सदस्य भारवी पटेल ने इस आशय का प्रशस्त्रि पत्र व मेडल सोमवार को मोडासा में मंगलदास को सौंपा।
गायत्री मंत्र लेखन पर विश्व रिकार्ड बनने पर अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि गायत्री महामंत्र को जगत की आत्मा माने गए साक्षात देवता सूर्य की उपासना के लिए सबसे सरल और फलदायी मंत्र माना गया है। यह महामंत्र निरोगी जीवन के साथ-साथ यश, प्रसिद्धि, धन व ऐश्वर्य देने वाली होती है। परन्तु गायत्री महामंत्र का लेखन साधक को जप से कई गुना अधिक लाभ पहुंचाता है। यही कारण है कि गायत्री परिवार के असंख्य साधक इस अभियान में शामिल हो लेखन कार्य में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार गुजरात के मोडासा के मंगलदास ईश्वरदास कपिया द्वारा विश्व रिकार्ड बनना एक गौरव प्रदान करने वाला है। इससे औरों को भी प्रेरणा, प्रोत्साहन मिलेगा। संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी, शांतिकुंज परिवार सहित गायत्री चेतना केन्द्र मोडासा परिवार ने मंगलदास जी को बधाई दी। मंगलदास ने कहा कि गायत्री महामंत्र लेखन में विश्व रिकार्ड बनना गायत्री परिवार के जनक पूज्य पं. श्रीराम शर्मा आचार्यश्री व वन्दनीया माताजी की प्रेरणा व श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या से मिले मार्गदर्शन के बिना संभव नहीं था।





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