हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। आज ब्राह्मणों के विषय में सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से मिथ्या प्रचार किया जा रहा है कि ब्राह्मणों ने अन्य जातियों का शोषण किया है जबकि ब्राह्मण ने हमेशा जगत कल्याण की सोची है। 
अंग्रेज भी भली भांति यह समझ चुके थे कि ब्राह्मण ही भारतीय सभ्यता के रक्षक हैं और ब्राह्मण पढ़े लिखे हैं इसलिए उन्हें गुलाम बनाना कठिन कार्य है। उन्होंने कहा कि अगर ब्राह्मण पर संकट आता है तो पूरे हिन्दू धर्म एवं भारतीय संस्कृति पर संकट आयेगा। संगठन के उद्देश्यों के बारे में पत्रकारों को बताया कि परिषद् पूर्ण रूप से गैर राजनैतिक संगठन है किसी जाति, धर्म, संगठन के खिलाफ नहीं है, हम अपने समाज हित के लिए संगठित हो रहे हैं। परिषद् पूरे देश में छोटे-बड़े का भेद मिटाकर सभी ब्राह्मण संगठनों से सामंजस्य बैठाकर ब्राह्मण समाज को संस्कारित व संगठित करने, आगे बढ़ाने एवं हर प्रकार से सुरक्षा व सहायता प्रदान करने का कार्य कर रही है। प्रेस क्लब हरिद्वार में परिषद् के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा प्रेषित उत्तराखण्ड प्रदेश अध्यक्ष के पद पर पं. मनोज गौतम को नियुक्ति पत्र सौंपने के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए बालकृष्ण शास्त्री ने बताया कि वेबसाइट के माध्यम से विप्र समाज के प्रत्येक विप्र बंधु का डाटाबेस तैयार करने हेतु डाटा कलेक्शन का कार्य किया जा रहा है जिससे संगठन से जुड़ने के साथ ही समाज के लोगों का आपसी परिचय भी बढ़े। प्रत्येक क्षेत्र में विप्र बंधु कड़ी सिस्टम द्वारा जुड़ जाए, ताकि भविष्य में जब ब्राह्मण समाज का परिचय सम्मेलन या कोई अन्य कार्यक्रम आयोजित हो उनमें सभी  विप्र बंधु की पूर्ण भागीदारी हो सके। नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पं. मनोज गौतम ने कहा कि परिषद के राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने जो मुझे दयित्व सौंपा है उसे मैं पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ प्रत्येक जिले में वार्ड स्तर तक इकाईयां गठित कर संगठन को आगे बढ़ाने तथा ब्राह्मण समाज में एकता स्थापित कर सुरक्षा एवं सहयोग की भावना पैदा करने का कार्य करूंगा। उन्होंने कहा कि प्राचीन ऋषि परम्परा वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना, सोलह संस्कार, सात्विक जीवन, शाकाहार, शिखा सूत्र तिलक एवं भारतीय वेषभूषा हमारे आदर्श होंगे। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि आॅनलाइन सदस्यों की संख्या निरंतर बढ़ रही है, अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद के द्वारा जो सुविधाएं संचालित की जा रही है संगठन से जुड़ने के बाद विप्र इस का लाभ जरूर उठाएं। ब्राह्मण बन्धु स्वयं भी परिषद की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन कर सकते हैं। वेबसाइट में निःशुल्क वैवाहिक विज्ञापन प्रदर्शित किये जा रहे हैं जहां पर इच्छुक विप्र अपने पुत्र पुत्री का विवरण प्रेषित कर उपलब्ध विवरण में से योग्य वर-वधू की तलाश पूरी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि परिषद् यूट्यूब चैनल के माध्यम से हाई स्कूल, इण्टरमीडिएट में पढ़ने वाले ब्राह्मण छात्रों के लिए प्रत्येक जनपद में नि:शुल्क कोचिंग क्लाश भी चलाने जा रही है, जिसका लाभ घर बैठे ही छात्र उठा सकेंगे साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करवाई जायेगी। समाज के प्रत्येक विप्र सदस्यों का डाटा वेबसाइट में प्रदर्शित होगा और आपस में सम्पर्क के इच्छुक व्यक्ति देश विदेश में विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारी, चिकित्सक, पत्रकार, कलाकार, कथाकार, अधिवक्ता, व्यापारी, व्यवसायी आपस में एक दूसरे का सहयोग एवं मार्गदर्शन कर सकेंगे। नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष मनोज गौतम को  पं. रामकृपाल त्रिपाठी, पं. रजनीकांत शुक्ल, पं. प्रमोद गिरी, पं. सचिन तिवारी, पं. राजीव गौड़, पं. श्रवण झा, पं. प्रदीप शर्मा, पं. गणेश सेमवाल, पं. उमेश कौशिक, पं. महेश पारीक, पं. दिनेश जोशी, पं. निशांत कौशिक, पं विकाश प्रधान डॉ अमित शर्मालोकेश भारद्वाज सहित  वरिष्ठ विप्र बन्धुओं ने शुभकामनाएं दीं।
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