हरिद्वार की गूंज
(गगन शर्मा) हरिद्वार। जैसा कि पिछले कुछ महीनों से ग्राहकों और दुकानदारो के बीच सिक्को को लेने को लेकर बड़ी असमंजस की स्थिति बन रही है। हरिद्वार बैंक प्रशासन समय समय पर मात्र अखबार में खबर देकर कि जो सिक्के नही लेगा उसके खिलाफ कार्यवाही होगी। मगर अब तक किसी ग्राहक या बैंक कैशियर या प्रबंधक के खिलाफ कोई कार्यवाही नही की। जो ग्राहक से न सिर्फ सिक्के लेने को मना कर रहे हैं, बल्कि उनका ग्राहको और मीडिया के प्रति व्यवहार बिल्कुल भी सभ्य नही है। जहाँ एक ओर ऐसे बैंक के अधिकारी भारतीय मुद्रा का अपमान कर रहे हैं तो दूसरी ओर व्यापारियों को ऐसे गैर जिम्मेदार अधिकारियों से उचित सहयोग न मिल पाने के कारण बाजार में व्यापारी भी ग्राहको से सिक्के लेने से पीछे हट रहे हैं। एक चालाक वकील की तरह ग्राहको को गुमराह करने के ऐसे ऐसे तरीके होते हैं कि इनके सामने ग्राहक खुद को ठगा सा महशुस करता है ईशु नामक व्यापारी भी उस घड़ी को कोसता है जब उसने इनकी ब्रांच में खाता खुलवाया। इस बारे में जब इनकी देहरादून मुख्य कार्यालय में बात करनी चाही तो लैंडलाइन नम्बर होने के कारण घण्टी बजती रही मगर फोन नही उठाया गया। सरकार को इस विषय पर जनता की असुविधा को देखते हुवे सख्त कदम उठाते हुवे दोषी गैर जिम्मेदार बैंक अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगना चाहिए।
(गगन शर्मा) हरिद्वार। जैसा कि पिछले कुछ महीनों से ग्राहकों और दुकानदारो के बीच सिक्को को लेने को लेकर बड़ी असमंजस की स्थिति बन रही है। हरिद्वार बैंक प्रशासन समय समय पर मात्र अखबार में खबर देकर कि जो सिक्के नही लेगा उसके खिलाफ कार्यवाही होगी। मगर अब तक किसी ग्राहक या बैंक कैशियर या प्रबंधक के खिलाफ कोई कार्यवाही नही की। जो ग्राहक से न सिर्फ सिक्के लेने को मना कर रहे हैं, बल्कि उनका ग्राहको और मीडिया के प्रति व्यवहार बिल्कुल भी सभ्य नही है। जहाँ एक ओर ऐसे बैंक के अधिकारी भारतीय मुद्रा का अपमान कर रहे हैं तो दूसरी ओर व्यापारियों को ऐसे गैर जिम्मेदार अधिकारियों से उचित सहयोग न मिल पाने के कारण बाजार में व्यापारी भी ग्राहको से सिक्के लेने से पीछे हट रहे हैं। एक चालाक वकील की तरह ग्राहको को गुमराह करने के ऐसे ऐसे तरीके होते हैं कि इनके सामने ग्राहक खुद को ठगा सा महशुस करता है ईशु नामक व्यापारी भी उस घड़ी को कोसता है जब उसने इनकी ब्रांच में खाता खुलवाया। इस बारे में जब इनकी देहरादून मुख्य कार्यालय में बात करनी चाही तो लैंडलाइन नम्बर होने के कारण घण्टी बजती रही मगर फोन नही उठाया गया। सरकार को इस विषय पर जनता की असुविधा को देखते हुवे सख्त कदम उठाते हुवे दोषी गैर जिम्मेदार बैंक अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगना चाहिए।



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