हरिद्वार की गूंज (24*7)

(रजत चौहान) हरिद्वार। उत्तराखंड में चुनाव करीब आने से राजनेताओं में खलबली मची हुई है, अपनी-अपनी विधानसभा से चुनाव लड़ने के लिए एक-दूसरी पार्टियों का दामन थामा जा रहा है। जिसके चलते राजनीति गरमाई हुई है, राजनेताओं ने अपना वोट बैंक लोगो से हासिल करने की कवायत शुरू कर दी है।
आज-कल वैसे भी विधायक कुँवर सिंह चैंपियन सुर्खियों में चल रहे है, चाहे मामला उनके गुर्जर समाज का हो, चाहे पत्रकार के ऊपर टिप्पणी करने का हो लगातार चैंपियन अपने सवालों के घेरे में फंसे हुए हैं, जिसका खामियाजा उन्हें चुनावी समय में भुगतने को मिल सकता है। 2022 के विधानसभा चुनावों की गरमाहट 70 की 70 विधानसभाओं में महसूस की जा सकती है, लेकिन कुँवर प्रणव सिंह चैंपियन के कारण खानपुर विधानसभा हमेशा से ही चर्चाओं में रहती है और इस बार के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस से वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के सुपुत्र वीरेन्द्र रावत उनको चुनौती दे रहे हैं।
दिलचस्प बात ये है कि अपनी चुनावी तैयारियों के चलते वीरेन्द्र रावत ने खानपुर के नाईवाला माजरा, जोगावाला, चंद्रपुरी बांगर, शेरपुरबेला हिरदेरामपुर, मोह्मदपुर, करणपुर, गोरधनपुरा, धर्मपुर, अब्दुलरहिमपुर, कानेवाली रायसिंह, प्रह्लादपुर, कलसिया, बादशाहपुर, दाबकी कलां, जलालपुर, भंगेड़ी, लँढोरा, खेड़ी कलां, मिलापनागर आदि क्षेत्रों में जितनी भी जनसभाएं और नुक्कड़ सभाएं आयोजित की उनको सभी जाति वर्गों के लोगों का अपार स्नेह मिला ये सभी क्षेत्र वर्तमान विधायक कुँवर प्रणव सिंह के गढ़ माने जाते हैं। सूत्रों की माने तो आगामी विधानसभा चुनावों जनता के मन में परिवर्तन का अंदेशा प्रणव सिंह भी भांप रहे हैं इसलिए अपनी सीट बदलने पर विचार कर रहे हैं।

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