हरिद्वार की गूंज (24*7)

(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। कोतवाली रानीपुर क्षेत्राँक्तर्गत टिबड़ी रानीपुर हरिद्वार के रहने वाले दुर्गा प्रसाद द्वारा कोतवाली नगर जनपद देहरादून में 15/06/2020 को स्वयं के साथ नौकरी लगाने के नाम पर ठगी किये जाने के बिषय मे तहरीर देकर अभियोग पंजीकृत करवाया गया था तहरीर में बताया गया था कि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग दिल्ली मैं क्लर्क के पद पर नौकरी लगाने हेतु मेरे से सौरभ कौशिक निवासी दिल्ली व नामजद मनोज कुमार, सोमेश पन्त व दीपक के द्वारा दो लाख ले लिये गए हैं और मेरी नौकरी भी नहीं लगाई गई। व रुपये वापस माँगने पर सौरभ कौशिक व अन्य मेरे साथ गाली गलौज कर रहे है। उक्त संबंध में कोतवाली नगर देहरादून पर दर्ज हुए अभियोग अंतर्गत धारा -120, बी, 420 467, 468, 471, 504 भा० द० वि० कोतवाली नगर जनपद देहरादून मैं अभियोग की विवेचना उप निरीक्षक राहुल कापड़ी द्वारा प्रारंभ की गई। वादी मुकदमा द्वारा अपने बयानों में दर्ज कराने पर व लिखित रूप में देने पर कि मैं बार-बार लॉकडाउन के दौरान जनपद देहरादून नहीं आ सकता हूं। मेरे साथ टिबड़ी रानीपुर हरिद्वार मैं रहने के दौरान ही अभियुक्त गणों द्वारा धोखाधड़ी की गई है व  2 लाख रुपए इस एवज में लिये गये है। में जनपद हरिद्वार से ही अपने द्वारा पंजीकृत अभियोग में अग्रिम कार्रवाई चाहता हूँ। अतः उक्त आधार पर अभियोग की विवेचना कोतवाली रानीपुर जनपद हरिद्वार उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार स्थानांतरित की गई व थाने पर घटना के सम्बन्ध में उपरोक्त धाराओं के तहत 26/7/2020 को मु०अ०सँ०-210/2020 पँजीकृत किया गया। अभियोग में नामजद किए गए व मुख्य अभियुक्त सौरभ कौशिक की पूर्व में गिरफ्तारी की जा चुकी है। आज इसी केश में कोतवाली रानीपुर पुलिस द्वारा अन्य नामजद अभियुक्त दीपक मँमगाई पुत्र दाताराम मँमगाई निवासी ग्राम चुणखेत थाना-पैठाणी जनपद पौड़ी गढवाल को गिरफ्तार कर बाद आवश्यक कार्रवाई समय से माननीय न्यायालय पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। अपराध करने का तरीका- अभियुक्त दीपक मँमगाई अपने आपको सचिवालय में बाबू बताकर भोले भाले बेरोजगार युवाओं को यह विश्वास दिलवाता था कि वह बेरोजगारों की सरकारी नौकरी दिल्ली में रहने वाले सौरभ कौशिक से लगवा देगा जो गृह मंत्रालय में अच्छे पद पर है। उसकी सरकार व प्रशासन में अच्छी पहुंच है। इसके लियेे वह बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फँसाकर उनसे रूपये अपने खातों में मँगवाकर दिल्ली में बैठे अपने आका सौरभ कौशिक उर्फ कछुवे को भेजता रहता था। यह बेरोजगार युवाओं से कार्मिक बिभाग दिल्ली, अध्यापक व नर्स के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर पैसे  लेते थे। आधे रूपये नौकरी से पूर्व व शेष बाद में देने को कहते थे।

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