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काबलियत का डंका भी बजाया है। अगर नशे की बात की जाए। तो युवा वर्ग तेजी से नशे की लत का शिकार हो रहा है। और नशे की लत ने कई घर बर्बाद, तो कई घरों के चिराग भी बुझा दिएं हैं। जिस पर अंकुश लगना बहुत ही जरूरी है। क्योंकि युवा वर्ग देश का भविष्य होता है। अगर युवा वर्ग का जीवन ही अंधकारम होगा, तो समझो कि देश का भविष्य क्या होगा। जिस पर अंकुश लगना देश और समाज के लिए बेहद जरूरी है। जिस पर जनपद पुलिस प्रशासन बेहद गंभीर नजर भी आ रहा है। और नशे के कारोबार करने वाले तस्करों पर लगातार अंकुश भी लगा रहा है जो पुलिस प्रशासन का सराहनीय कदम है। वहीं अगर नशे पर बात रेलवे चौकी में तैनात इंचार्ज खेमेन्द्र गंगवार की कि जाए तो चौकी इंचार्ज नशे के विरुद्ध पूर्ण रूप से एक्शन में है। और जिस तरह उन्होंने नशा कारोबारियों में हलचल मचा रखी है। वह तारीफ ए काबिल है। उनका व्यवहार फरियादियों के लिए सादगी भरा और अपराधियों के लिए कड़ा सख्त है जो उनके कर्मठ, इमानदार और अपने कर्तव्य के प्रति धनी पुलिस अधिकारी का होने का दावा भी करता है। वहीं अगर कोरोना कॉल में लगे कर्फ्यू की बात की जाए, तो इंचार्ज खेमेन्द्र गंगवार अपने क्षेत्र में लगातार गस्त पर रहते हैं। बाजारों और गलियों का भी मुआयना अपनी टीम के साथ करते हैं। जो भी व्यक्ति या नौजवान बिना किसी आवश्यक कार्य के घूमता पाया जाए है उसको कड़ी हिदायत भी देते है। और साथ साथ बाजारों में लगी फल सब्जियों की ठैली स्वामियों को झुड़ लगाकर सब्जी ना देने और कर्फ्यू में दी गई अवधि तक समय से घर जाने की हिदायत भी दे रहें हैं। और लगातार कोविड-19 की जारी गाइडलाइनो को अमल में लाने की अपील भी उनके द्वारा लगातार की जाती है। जो कोरोना कॉल में ज्वालापुर पुलिस का अपने फर्ज के प्रति बड़ा कदम है।



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