हरिद्वार की गूंज (24*7)
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(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। पीडब्ल्यूडी लक्सर का एक गंभीर मामला और चौंकाने वाला कारनामा सामने आया है, जहां मरीजों को ई०एस०आई डिस्पेंसरी में आने-जाने के लिए दो-चार होना पड़ रहा है। क्योंकि डिस्पेंसरी के सामने गड्ढे होने के साथ-साथ उबड़ खाबड़ जमीन है। जिससे आने जाने वाले मरीजों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे हैरत की बात यह नजर आई कि जहां यह डिस्पेंसरी बनी है वह गोर्धनपुर रोड लक्सर मार्ग पर मौजूद है।यहां से मंत्री से लेकर अधिकारियों का आना जाना लगा रहता है। लेकिन कोई भी शासन प्रशासन का जिम्मेदार व्यक्ति इसकी सुध लेने वाला नहीं है। जिसका खामियाजा लगातार डिस्पेंसरी में आने वाले मरीजों को उठाना पड़ रहा है। आखिर इतनी बड़ी लापरवाही का जिम्मेदार कौन है, जहां पीडब्ल्यूडी विभाग लोगो को टूटी-फूटी सड़कों और गड्ढों से निजात देनेे का ताल ठोकने के दावे करता है तो वहीं विभागीय अधिकारियों की घोर लापरवाही के कारण ही सैकड़ों घरों के चिराग बुझ चुके हैं। कोई ना कोई टूटी-फूटी सड़कों और गड्ढों का शिकार होकर गंभीर रूप से घायल होने के साथ-साथ अपनी जान गवा जाता है। लेकिन विभागीय अधिकारियों की कुंभकरण की नींद टूटने का नाम नहीं ले रही है। केवल सरकारी धन को किस तरह ठिकाने सिर लगाया जाएं, यही योजनाएं ऐसेे भ्रष्ट विभागों में सिमटकर रह गई है। इतना ही नहीं भ्रष्टाचारी का शिकार होकर पीडब्ल्यूडी विभााग द्वारा तैयार की गई, सड़कें 6 माह भी झेल नहीं पा रही है। टेेंडर से पहले तय की गई कमीशन खोरी की भेंट चढ़ने वाली सड़कों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। लक्सर ही नहीं पीडब्ल्यूडी रुड़की और हरिद्वार पीडब्ल्यूडी डिवीजन का भी यही हाल है। इनके द्वारा तैयार किए गए कार्य मानकों के अनुरूप नहीं होते हैं जो घटिया सामग्री और कमीशन खोरी की भेंट चढ़ कर जल्द ही ध्वस्त हो जाते हैं। जनता के द्वारा सरकार को टैक्स के रूप में दी गई धनराशि का बंदरबांट ऊपर से नीचे तक किया जाता है। और जनता को केवल मिलता है टूटी फूटी गड्ढों और कंकरियों से भरी सड़कों पर चलना। जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भ्रष्टाचार देश मुक्त के सपने को ठेंगा दिखा रहा है। आखिरकार शासन और प्रशासन में बैठे अधिकारी, मंत्री इस ओर कब सुध लेंगे।
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