हरिद्वार की गूंज (24*7)
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(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। यह तस्वीर मुज़फ्फरनगर में किसी फोटोग्राफर ने ली थी। एक रोड पर बेबस बच्चे का कुत्ते के साथ सोते हुए फ़ोटो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और आलाधिकारियों के निर्देश पर जनपद पुलिस ने इस बेबस बच्चे को खोज निकाला। इस मासूम बच्चे से जब पुलिस ने इस तरह सड़क पर सोने का कारण पूछा तो, बच्चे की कहानी इतनी भावुक थी कि किसी का भी दिल पसीज जाए। लगभग 9 से 10 साल का दिखने वाला ये मासूम बच्चा अपना नाम अंकित बताता है। उसके अनुसार उसका पिता जेल में बंद है और माँ छोड़ कर चली गई थी। यह मासूम बच्चा अपने परिवार या घर के बारे में इसके अलावा और कुछ नही जानता है। मासूम चाय की दुकान पर काम करके या कूड़ा बीनकर पैसे कमाकर अपना और अपने साथी कुत्ते का जिसे वह प्यार से डैनी कहता है, पेट भरता था, और रात को इस कड़ाके की सर्दी में मुज़फ्फरनगर के शिव चोक स्थित मार्केट में किसी भी दुकान के सामने अपने साथी कुत्ते के साथ सो जाता था। कुत्ता रात भर अपने मालिक का ध्यान रखता था। कई दिन पूर्व ली गई, बच्चे की इस तस्वीर के वायरल होने के बाद जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने बच्चे को ढूंढने के लिए जब पुलिस टीम लगाई, तो बच्चे को पुलिस ने शहर से बरामद कर लिया। अब बच्चा चाइल्ड एंड वुमैन वेलफेयर डिपार्टमेंट के देख रेख में है। जहांं इसके रहने के साथ साथ जिला प्रशासन अच्छी पढाई के लिए भी बन्दोबस्त करा रहा है। कहना यह चाहता हूंं कि इस मासूम बच्चे की तरह पता नही ऐसे कितने बच्चे है, जो सर्दी, गर्मी बरसात में सडकों पर सोने और रहने को मजबूर है। हमारे जनपद हरिद्वार में भी अनगिनत ऐसे बच्चे होगे। इसलिए जनपद हरिद्वार के जिलाधिकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व अन्य अधिकारीगणो औल आम समाज से अपील है कि ऐसे बेसहारा बच्चों को सहारा प्रदान करें हो सकता है। ऐसे बच्चे आपके सहारे से समाज और देश का भविष्य उज्जवल करके विश्व के अन्दर देश का नाम रोशन करें। यह विचार सूचनाधिकार सामाजिक कार्यकर्ता अब्दुल सत्तार ने हरिद्वार की गूंज से व्यक्त किए हैं।
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