हरिद्वार की गूंज (24*7)

(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। ज्वालापुर कस्साबान के भैंस भैंसा के मांस विक्रेताओ के सामने रोजी रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है, कारण नगर निगम हरिद्वार द्वारा पूर्व में जारी किये गये अनापत्ति प्रमाण पत्र को निरस्त किये जाने से उक्त खुदरा मांस विक्रेताओं के सामने बेरोजगारी आ गयी है, क्योंकि प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर निगम हरिद्वार के द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र निरस्त करने के पश्चात फुड सेफ्टी कार्यालय द्वारा लाईसेंस भी निरस्त कर दिये गये है, उक्त खुदरा मांस विक्रेताओ ने बताया कि नगर में बकरा, मुर्गा, सुअर का मांस भी बिक रहा है, तथा उक्त पशुओ के मांस के अनापत्ति प्रमाण पत्र तो निरस्त नही किये गये है, आखिर उक्त विभागों का दोहरा चरित्र क्यों, एक मांस के अनापत्ति प्रमाण पत्र को निरस्त करना और अन्य तीन मांस के अनापत्ति प्रमाण पत्र को निरस्त ना करना इस बात को दर्शाता है। इस संबंध में खुदरा मांस व्यापारियों ने जिलाधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, नगर आयुक्त, स्वास्थ्य अधिकारी जिला अभिहित अधिकारी से मांग की है कि पूर्व में जारी भैंस भैंसा के मांस विक्रेताओं के अनापत्ति प्रमाण पत्र को बहाल किये जाये। उक्त भैंस भैंसा मांस विक्रेता उस्मान द्वारा मांग की गयी है कि हमारी बेरोजगारी को देखते हुए पूर्व में वर्ष 2010 में सराय में जो मांस की दुकानें आवंटित की गयी थी, उन्हें ही आवंटित करा दें, ताकि हमारे सामने जो रोजगार का संकट पैदा हो गया है, वो दूर हो सकें, उक्त विभाग शहर से बाहर भैंस भैंसा मांस का कारोबार करने के लिए जगह दें। मांस विक्रेता शहजाद ने कहां कि यदि उक्त विभाग हमारी मांग पर गौर नही देता तो भैंसा मांस व्यवसायी परिवार के साथ नगर निगम हरिद्वार में परिवार सहित भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे, मांस विक्रेताओ ने मांग करते हुए कहा कि शहर में बिक रहें दूसरे मांस के लिए जारी की गये अनापत्ति प्रमाण पत्र को भी निरस्त किये जाये, उन्होंने कहा कि हरिद्वार क्षेत्र में कई जगह दुसरे जानवरों का मांस बेचा जा रहा है। नगर निगम हरिद्वार के पीछे भी मांस बिक रहा है, लेकिन आपत्ति केवल भैंसा के मांस को लेकर ही क्यों है, आखिर भैंस भैंसा विक्रेताओं के साथ ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है। मांस विक्रेताओं द्वारा अपनी समस्याओें को मीडिया के समक्ष रखा गया है, ताकि शासन प्रशासन तक हमारी मांगे पहुंच सकेे, मांस विक्रेताओ द्वारा बताया गया कि 70 लोग भैस मांस का कारोबार कर रहे है, यानी ये 70 परिवार है जिसमें 420 सदस्य की जीविकोपार्जन का साधन मांस व्यवसाय ही है, मांस विक्रेताओ द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गयाा, जिसमेें मांस व्यवसायी गफ्फाार, रिजवान, उस्मान, शहजााद, सलमान, इकबाल, शाहनवाज, वसीम, आसिफ, दानिश, निन्ना, तस्लीम, मुर्सलीन आदि शामिल रहे है।

Share To:

Post A Comment:

0 comments so far,add yours