हरिद्वार की गूंज (24*7)

(यतेंद्र कुमार) हरिद्वार। भारतीय मजदूर संघ के देशव्यापी  राष्ट्रीय आव्हान पर भारत सरकार द्वारा लागू किए जाने वाले मजदूर विरोधी श्रम कानूनों का विरोध किया गया। भेल महासंघ के अध्यक्ष उमेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में किया गया विरोध । महामंत्री संदीप कुमार ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि भारत सरकार 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार श्रम संहिता में बदलकर पूंजी पतियों के पक्ष में फैसले ले रही है। समस्त औद्योगिक कारखाने श्रम कानूनों के दायरे से बाहर करने के लिए 100 कर्मचारियों की बाध्यता को समाप्त कर 300 कर्मचारियों तक करना पूंजी पतियों को श्रम कानून से मुक्त करना है। कहा कि जब देश के छोटे एवं मझोले एवं कारखाने श्रम कानूनों से मुक्त हो जाएंगे तो श्रम कानूनों का कोई औचित्य नहीं रहेगा। सभा में बीएमएस फाउंड्री के महामंत्री पवन कुमार ने कहा कि भारत सरकार के नए प्रावधानों के अनुसार मजदूर यूनियन का हड़ताल करना आसान नहीं होगा जो मजदूरों का सबसे बड़ा हथियार माना जाता है। जिसमें अनेकों कानूनी बाधाएं डाल दी गई हैं पवन कुमार ने कहा कि अब उद्योगों में यूनियन का पंजीकरण कराना भी आसान नहीं होगा । भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर भेल की जागरूक ट्रेड यूनियन ,हिन्द मजदूर सभा, हैवी इलेक्ट्रिक वर्कर्स ट्रेड यूनियन, एटक,कर्मचारी परिषद, हेमू, श्रमिक यूनियन, भेल श्रमिक यूनियन इत्यादि श्रम संगठनों ने भी कार्यक्रम को समर्थन किया। कार्यक्रम में बीएमएस के प्रदेश कोषाध्यक्ष सुभाष पुरोहित, हरबंस, मनीष सिंह, विकास सिंह, सौरभ त्यागी, मोहित शर्मा, सन्दीप चौधरी, सचिन शर्मा, अरविन्द कुमार, आशीष सैनी, पंकज गोगना, रविन्द्र कुमार,जयशंकर, नागेश पटेल , चंद्रशेखर चौहान, राजीव शर्मा, धर्मेन्द्र लोधी, अतुल राय, आदेश धीमान,प्रमोद प्रजापति, देवेन्द्र भारद्वाज, रविन्द्र गोसाईं आदि शामिल रहें

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