हरिद्वार की गूंज (24*7)

(इमरान देशभक्त) रुड़की। निर्भया के दोषियों को सात साल बाद फांसी देने पर नगर की महिलाओं खुशी व्यक्त की है, साथ ही उन्होंने कहा कि न्यायपालिका द्वारा दुष्कर्म के गंभीर मामले में शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए। महिलाओं का कहना है कि दोषियों को फांसी देने से उसकी (निर्भया) आत्मा को शांति जरूर मिलेगी। जबकि निर्भया के परिवार को आज असली शांति मिली है। समाज सेविका मनीषा बत्रा ने कहा कि दोषियों को फांसी पर लटकाने से देश में बेटियों की ओर देखने वालों को उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं के प्रति लोगों की सोच बदल दी होगी, क्योंकि बेटियों का भी समाज में बराबर का हक है। महिला कांग्रेस ग्रामीण जिला अध्यक्ष कहकशां मुरसलीन ने कहा कि न्याय में देरी तो हुई लेकिन अंधेरी नहीं है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति गलत सोच रखने वालों को अपनी अकल ठीक करनी ही होगी। समाज सेविका शालिनी गोयल ने कहा कि बेटियां किसी की भी हों,सभी को अपनी बहन समझनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्भया तो दरिंदों के हाथ मारी गई लेकिन देश में गलत लोगों के लिए एक संदेश बनी, जिससे दरिंदो को आगे किसी भी बेटी को हवस के वीडियो का शिकार ना बनना पड़े। ब्रांड एंबेसडर अंजुम गौड़ में कहना कि निर्भया के दोषियों को देर से सही लेकिन फांसी देने का संदेश मुल्क के सभी लोगों में महिलाओं के प्रति उनकी सोच बदलेगी। उन्होंने कहा कि महिला उत्पीड़न के मामलों में सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में बहुत शीघ्र की जानी चाहिए।भाजपा नेत्री हेमलता चौधरी का कहना है कि देश में भाजपा के राज में महिलाओं का सम्मान बड़ा है। निर्भया के दोषियों को फांसी देना एक अच्छा कदम है,इससे देश के कानून को मजबूती मिलेगी। समाज सेविका पूनम देवी, पूजा नंदा, नगमा अफजल एवं प्रतिभा चौहान का कहना है कि महिलाओं को सही नहीं देखा जाए और सभी बहन बेटियों को सम्मान देना देशवासियों का परम कर्तव्य बनता है।
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