हरिद्वार की गूंज (24*7)
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(गगन शर्मा) हरिद्वार। लक्सर शुगर मिल कर्मचारी संघ संबद्ध भारतीय मजदूर संघ का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश मन्त्री सुमित सिंघल के नेतृत्व में श्रम मंत्री डॉ हरक सिंह रावत से मिला। जिसमे जनपद हरिद्वार की गन्ना मिलों की श्रमिको की समस्याओं से हरक सिंह रावत को अवगत कराया गया। भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री सुमित सिंघल ने कहा कि मिल में स्थाई कर्मचारियों के वेज रिवीजन एवं बड़ी संख्या में अस्थाई कर्मचारी जो मिल में काम करते हैं उन्हें श्रम कानूनों के अनुरूप दिए जाने वाला वेतन से भी उन्हें वंचित रखा जाता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा एवं यूनिफार्म जैसी जरूरी सुविधाओं से भी कर्मचारियों को वंचित रखा जाता है। नियम विरुद्ध तरीके से गन्ना क्रय केंद्र पर लिपिक बाबू बिना कोई लाइसेंस के और अधिकार पत्र के उनसे तोल कार्य कराया जा रहा है। श्रम कानूनों के अनुरूप दिए जाने वाला ओवर टाइम का दुगना वेतन भी कर्मचारियों को नहीं दिया जाता।धीरज सिंह अध्यक्ष लक्सर शुगर मिल कर्मचारी संघ ने कहा कि प्रबंधन कर्मचारियों को डरा धमका कर उनसे अतिरिक्त कार्य बिना कोई वेतन के करा रहा है। 1.10.2015 से त्रिपक्षीय कमेटी द्वारा वेतन संशोधित किया गया था, जिसके ख़िलाफ़ बढ़े हुए वेतन के सम्बन्ध में प्रबंधन माननीय उच्च न्यायालय चला गया। जिसके कारण 1.10. 2015 से बढ़ा हुआ वेतन अभी तक नही मिला। 5 साल बीत जाने के बाद भी चीनी मिल के कर्मचारी वेतन वृद्धि हेतु शासन-प्रशासन के अधिकारियों से मिल रहे हैं। किन्तु कोई भी परिणाम नही मिल रहा है। 1.10.2020 से नए वेतन बोर्ड का गठन हुआ है, जिसके सम्बन्ध में माननीय श्रम मंत्री डॉ हरक सिंह रावत की अध्यक्षता में मीटिंग होनी थी जो स्थगित हो गयी है। माननीय मंत्री ने आश्वस्त करते हुए कहा कि आपकी समस्त समस्याओं का जल्द निवारण किया जाएगा। इसके उपरांत जनपद हरिद्वार की तीनों चीनी मिलों के प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश मंत्री सुमित सिंघल के नेतृत्व में मंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री सुमित सिंघल, धीरज सिंह, साधुराम, अवनीश कुमार, संदीप कुमार, सुनील कुमार मेहता, कृपाल सिंह, राजेश शर्मा, विक्रम सिंह तथा सुनील कुमार मेहता उपाध्यक्ष-भारतीय मजदूर संघ उत्तराखंड उपस्थित रहे।
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