हरिद्वार की गूंज
(फिरोज अहमद) लक्सर। लक्सर ब्लॉक क्षेत्र के बसेड़ी खादर गांव मे स्थित गोल्डन फ्यूचर अकेदमी स्कूल की स्थिति इस समय बद से बदतर बनी हुई हैं। आपको बताते चलें कि बरसात के चलते स्कूल के चारों तरफ पानी ही पानी भर गया है। सभी गलियां और रास्ते तालाब में तब्दील हो गए है। स्कूल में जाते हुए बच्चों को बहुत ही कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है। कि रास्ते और गलियां तालाब में तब्दील हो चुकी थी। स्थानीय ग्रामीणों का और स्कूल मे पढने वाले बच्चो के माता-पिता का कहना है। कि यदि ग्राम प्रधान द्वारा इन गलियों में मिट्टी डाल कर खड़ंजा भी लगा दिया जाता। तो आज यह दिन देखना नहीं पड़ता। हालात बद से बदतर बने हुए हैं। मगर ग्राम प्रधान राजनीति के चलते इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। क्योंकि ग्राम प्रधान ने भी अपना गांव में एक स्कूल खोला हुआ है। ग्रामीणों में चर्चा है। कि ग्राम प्रधान इस स्कूल की ओर जाने वाले रास्ते पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अगर इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो जल्दी ही भविष्य में बच्चों के साथ बड़ी घटना घट सकती है। स्थानीय ग्रामीणों में यह भी चर्चाए थी। कि इस पानी में मगरमच्छ को भी देखा गया है। जिससे ग्रामीण और स्कूल के बच्चों की भी जान का खतरा बना हुआ है। जिसके चलते स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता और स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।जब इस बारे मे प्रधानपति जोगिन्दर से बात की थी। तो उन्होनें बताया था। कि मिट्टी का कार्य बंद पड़ा है। इस समय मिट्टी की परमिशन कहीं से नहीं मिल रही है। उन्होंने बताया था कि मेरी इस बाबत लक्सर एसडीएम से बातचीत हुई थी। जिसमें एसडीएम ने कहा था। कि कहीं तालाब को खोदेंगे तब वहां से तुम्हें मिट्टी दे देंगे। जहां आप भराव कराना चाहते हैं। वहां भराव करा लेना। जब हमने उनसे कहा कि मिट्टी कि परमिशन दे दो। तो उन्होंने कहा हम मिट्टी की परमिशन तो आपको नहीं दे सकते। मगर कहीं तालाब खोदे जाएंगे वहां से तुम्हें मिट्टी को दिला देंगे। प्रधान पति जोगिंदर ने बताया था। कि पहले मनरेगा मे मिट्टी के कार्य चल रहे थे। अब मनरेगा में भी एक डेढ़ साल से मिट्टी के कार्य नहीं आ रहे हैं। उनका कहना था। कि मेरे हाथ बंधे हुए हैं। मैं क्या कर सकता हूं यदि मिट्टी की परमिशन मिल जाए तो मैं मिट्टी डलवा दूंगा और आज ही मैं एसडीएम लक्सर के यहां जा रहा हूं। और मैंने मिट्टी के लिए एक लेटर भी उनको देने के लिए दिखा है। मगर 15 दिन बीत जाने के बाद भी हालात ऐसे के ऐसे ही है। तथा दो दिन से हो रही रिम- झिम रिम-झिम बारिश से फिर स्कूल के रास्ते तालाब मे तब्दील हो रहे है। लेकिन तहसील अधिकारी मौन बने बैठे है। स्थानीय लोगो का कहना है कि इस ओर ना तो ग्राम प्रधान ध्यान दे रहे है और ना ही लक्सर तहसील प्रशासन।
(फिरोज अहमद) लक्सर। लक्सर ब्लॉक क्षेत्र के बसेड़ी खादर गांव मे स्थित गोल्डन फ्यूचर अकेदमी स्कूल की स्थिति इस समय बद से बदतर बनी हुई हैं। आपको बताते चलें कि बरसात के चलते स्कूल के चारों तरफ पानी ही पानी भर गया है। सभी गलियां और रास्ते तालाब में तब्दील हो गए है। स्कूल में जाते हुए बच्चों को बहुत ही कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है। कि रास्ते और गलियां तालाब में तब्दील हो चुकी थी। स्थानीय ग्रामीणों का और स्कूल मे पढने वाले बच्चो के माता-पिता का कहना है। कि यदि ग्राम प्रधान द्वारा इन गलियों में मिट्टी डाल कर खड़ंजा भी लगा दिया जाता। तो आज यह दिन देखना नहीं पड़ता। हालात बद से बदतर बने हुए हैं। मगर ग्राम प्रधान राजनीति के चलते इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। क्योंकि ग्राम प्रधान ने भी अपना गांव में एक स्कूल खोला हुआ है। ग्रामीणों में चर्चा है। कि ग्राम प्रधान इस स्कूल की ओर जाने वाले रास्ते पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अगर इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो जल्दी ही भविष्य में बच्चों के साथ बड़ी घटना घट सकती है। स्थानीय ग्रामीणों में यह भी चर्चाए थी। कि इस पानी में मगरमच्छ को भी देखा गया है। जिससे ग्रामीण और स्कूल के बच्चों की भी जान का खतरा बना हुआ है। जिसके चलते स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता और स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।जब इस बारे मे प्रधानपति जोगिन्दर से बात की थी। तो उन्होनें बताया था। कि मिट्टी का कार्य बंद पड़ा है। इस समय मिट्टी की परमिशन कहीं से नहीं मिल रही है। उन्होंने बताया था कि मेरी इस बाबत लक्सर एसडीएम से बातचीत हुई थी। जिसमें एसडीएम ने कहा था। कि कहीं तालाब को खोदेंगे तब वहां से तुम्हें मिट्टी दे देंगे। जहां आप भराव कराना चाहते हैं। वहां भराव करा लेना। जब हमने उनसे कहा कि मिट्टी कि परमिशन दे दो। तो उन्होंने कहा हम मिट्टी की परमिशन तो आपको नहीं दे सकते। मगर कहीं तालाब खोदे जाएंगे वहां से तुम्हें मिट्टी को दिला देंगे। प्रधान पति जोगिंदर ने बताया था। कि पहले मनरेगा मे मिट्टी के कार्य चल रहे थे। अब मनरेगा में भी एक डेढ़ साल से मिट्टी के कार्य नहीं आ रहे हैं। उनका कहना था। कि मेरे हाथ बंधे हुए हैं। मैं क्या कर सकता हूं यदि मिट्टी की परमिशन मिल जाए तो मैं मिट्टी डलवा दूंगा और आज ही मैं एसडीएम लक्सर के यहां जा रहा हूं। और मैंने मिट्टी के लिए एक लेटर भी उनको देने के लिए दिखा है। मगर 15 दिन बीत जाने के बाद भी हालात ऐसे के ऐसे ही है। तथा दो दिन से हो रही रिम- झिम रिम-झिम बारिश से फिर स्कूल के रास्ते तालाब मे तब्दील हो रहे है। लेकिन तहसील अधिकारी मौन बने बैठे है। स्थानीय लोगो का कहना है कि इस ओर ना तो ग्राम प्रधान ध्यान दे रहे है और ना ही लक्सर तहसील प्रशासन।



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