(निशात कुरैशी) देवबंद। मरकजी जामा मस्जिद में नमाज-ए-जुमा अदा कराते हुए दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मुफ्ती आरिफ कासमी ने रोजेदारों को रमजान का हक अदा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रोजो की जकात फितरा है और हर बालिग और नाबालिग का फितरा अदा करना जरुरी है। नाबालिगों की तरफ से उनके वालदेन को फितरा अदा करना फर्ज है। उन्होंने बताया कि बेहतर हो कि ईद का चांद देखने से पहले ही फितरा अदा कर देना चाहिए। जिससे जरुरतमंद भी ईद की खुशियों में शामिल हो सकें। मुफ्ती आरिफ के मुताबिक एक व्यक्ति का फितरा गेहूं एक किलो 633 ग्राम या उसके बराबर उसकी कीमत 31 रुपये, जबकि आटे की कीमत 36 रुपये, तीन किलो 266 ग्राम जों या उसकी रकम के हिसाब से 72 रुपये, तीन किलो 266 ग्राम खजूर या छुआरा उसकी रकम के हिसाब से 392 रुपये और तीन किलो 266 ग्राम किशमिश या उसकी रकम के हिसाब 915 रुपये प्रति फितरा अदा करना है। उन्होंने सभी लोगों से फितरा अपनी हैसियत के मुताबिक अदा करने का आह्वान किया।
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