हरिद्वार की गूंज
(गगन शर्मा) हरिद्वार।
सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं की ओर से ग्रामीण क्षेत्रो में स्वच्छता अभियान के अंतर्गत काफी अच्छे अच्छे प्रयास किये जा रहे है। जिसके अंतर्गत घर घर जैविक/अजैविक कूड़ा के लिये 2 -2 डस्टबीन दिए जा रहे है। तो गांव में जगह जगह अत्याधुनिक डस्टबिन रखे गए हैं। साथ ही इनके लिए रिक्शा और छोटा ट्रैक्टर ट्रॉली भी आवंटित की गई। प्रशासन के आला अधिकारियों को यह भी स्मरण रहे कि भारत के अधिकांश नागरिक स्वच्छता अभियान हो या हेलमेट का पहनना वो दो कारणों से ही करते हैं। पहला किसी लालच में या डर के। पिछले कई वर्षों से ग्रामीण क्षेत्र में मुख्य मार्ग सड़को के किनारे पॉटी करना, अवैध कब्जे करके उन पर गोबर, राख, व विभिन्न प्रकार के कूड़ा डालने का चलन रहा है। जिसकी रोकथाम के लिए ग्राम प्रधान, पटवारी, बीडीओ, या अन्य स्तर पर अभी तक कोई कार्यवाही नही की गई। ताजा मामला हरिद्वार लक्सर रोड पर जियापोता गांव का है जहाँ एक लघु उद्योग वाला अपनी लीची का कूड़ा सड़क किनारे फैला रखा है। जिसके कारण वहाँ से गुजरने वाले लोगो की उल्टी होने को आती है। जब अन्ये राज्यो, जिलों से यात्री इन मार्ग से होकर गुजरते है तो वो लोग स्वच्छता के बारे में यहाँ से अच्छी यादे लेकर नही जाते है। इन मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों की प्रशासन से अपेक्षा है कि वो उन लोगो पर चेतावनी देने के साथ साथ कठोर कार्यवाही करें जिनके कारण सड़क के किनारे गन्दगी के साथ साथ दम घोटने वाली गन्दगी फैलती है। इस बारे में राहगीरों की असुविधा को देखते हुवे हरिद्वार प्रशासन को विचार करने की अविलम्ब आवश्यकता है।
(गगन शर्मा) हरिद्वार।
सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं की ओर से ग्रामीण क्षेत्रो में स्वच्छता अभियान के अंतर्गत काफी अच्छे अच्छे प्रयास किये जा रहे है। जिसके अंतर्गत घर घर जैविक/अजैविक कूड़ा के लिये 2 -2 डस्टबीन दिए जा रहे है। तो गांव में जगह जगह अत्याधुनिक डस्टबिन रखे गए हैं। साथ ही इनके लिए रिक्शा और छोटा ट्रैक्टर ट्रॉली भी आवंटित की गई। प्रशासन के आला अधिकारियों को यह भी स्मरण रहे कि भारत के अधिकांश नागरिक स्वच्छता अभियान हो या हेलमेट का पहनना वो दो कारणों से ही करते हैं। पहला किसी लालच में या डर के। पिछले कई वर्षों से ग्रामीण क्षेत्र में मुख्य मार्ग सड़को के किनारे पॉटी करना, अवैध कब्जे करके उन पर गोबर, राख, व विभिन्न प्रकार के कूड़ा डालने का चलन रहा है। जिसकी रोकथाम के लिए ग्राम प्रधान, पटवारी, बीडीओ, या अन्य स्तर पर अभी तक कोई कार्यवाही नही की गई। ताजा मामला हरिद्वार लक्सर रोड पर जियापोता गांव का है जहाँ एक लघु उद्योग वाला अपनी लीची का कूड़ा सड़क किनारे फैला रखा है। जिसके कारण वहाँ से गुजरने वाले लोगो की उल्टी होने को आती है। जब अन्ये राज्यो, जिलों से यात्री इन मार्ग से होकर गुजरते है तो वो लोग स्वच्छता के बारे में यहाँ से अच्छी यादे लेकर नही जाते है। इन मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों की प्रशासन से अपेक्षा है कि वो उन लोगो पर चेतावनी देने के साथ साथ कठोर कार्यवाही करें जिनके कारण सड़क के किनारे गन्दगी के साथ साथ दम घोटने वाली गन्दगी फैलती है। इस बारे में राहगीरों की असुविधा को देखते हुवे हरिद्वार प्रशासन को विचार करने की अविलम्ब आवश्यकता है।





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