हरिद्वार की गूंज (24*7)
 |
|
(अविनाश गुप्ता) हरिद्वार। महामहिम राष्ट्रपति सचिवालय दिल्ली ने प्रमुख ग्रह सचिव उत्तराखंड से निष्पक्ष जांच कराने के आदेश दिये उल्लेखनीय है कि 06 अगस्त 2021 को दलित पत्रकार 60 वर्षीय वेद प्रकाश व उनके पुत्र को एक साजिश के तहत तत्कालीन एक आईपीएस अधिकारी व रुड़की गंग नहर कोतवाली में तैनात निरीक्षक के द्वारा शहर कोतवाली हरिद्वार मे पत्रकार व उसके पुत्र को गंभीर यातनाएं वह मल मूत्र पिलाने का प्रयास शहर कोतवाल राजेश साह व महिला उप निरीक्षक समेत चारों अधिकारियों ने एक साजिश के तहत पोक्सो एक्ट मे अपराध पंजीकृत किया गया था, जिसमे 10 वर्षीय एक लड़की के साथ सार्वजनिक स्थल पर छेड़छाड़ का आरोप लगाकर गिरफ्तार कर लिया था जिसको लेकर प्रदेश के पत्रकारों ने शहर कोतवाली में दोषी पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग की थी इस संबंध में लगभग 200 पत्रकारों ने इस प्रकरण को लेकर पीड़ित परिवार की ओर से मानव अधिकार आयोग रजिस्ट्रार जनरल उच्च न्यायालय नैनीताल महामहिम राज्यपाल, महामहिम राष्ट्रपति प्रधानमंत्री गृह सचिव व मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इन चारों अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए इनकी संपत्ति से पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग की थी इसको लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय महामहिम राज्यपाल, मानव अधिकार आयोग ने पीड़ित पत्रकार को पत्र भेजकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग करते हुए उनकी संपत्ति से वसूली करके मुआवजा दिलाने की मांग की तथा दोषी पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग की थी। इसी प्रकरण पर महामहिम राष्ट्रपति कार्यालय सचिव, मानव अधिकार आयोग ने उत्तराखंड सरकार के ग्रह विभाग को तत्काल जांच करके हुए सम्बन्धित अधिकारियो के विरुद्ध कार्यवाही करने के आदेश पारित करने व की गयी कार्यवाही से महामहिम राष्ट्रपति कार्यालय व मानव अधिकार आयोग को अवगत कराने के दिशा निर्देश दिये है, इस प्रकरण से एक बात स्पष्ट हो जाती है कि पुलिस आय दिन पता नही ऐसी कितने बेगुनाह लोगो पर फर्जी अपराध पंजीकृत करके उनको सामाजिक शारीरिक मानसिक आर्थिक हानियां पहुँचाती होगी यह भी आम समाज को विचार करने की आवश्यक है, कि पुलिस वर्दी की आठ मे आम समाज व भोली भाली जनता पर अत्याचार व उत्पीड़न करती होगी।
Post A Comment:
0 comments so far,add yours