हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। कुछ माह पूर्व हर तिराहे, चौराहों और प्रमुख स्थलों पर पुलिस प्रशासन हैलमेट चैकिंग में समर्पित देखी जाती थी जो कि अब ऐसा कम ही देखने को मिल रहा है। सीपीयू भी अब यातायात पुलिस के संग मिलकर यातायात व्यवस्था सुचारु रूप से चलाने में रुचि लेती देखी जा रही है। उसके बावजूद पिछले कुछ महीने से विभिन्न थाने, कोतवाली अंतर्गत गांवो शहरों में चोरी की घटनाएं बढ़ी है। पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार के दिशा निर्देश और कार्यशैली के चलते जहां उत्तराखंड पुलिस देश के अन्य राज्यों की अपेक्षा एक सर्वे में नम्बर आयी तो दूसरी ओर किसी भी अपराध के खुलासे के मामले में उत्तराखंड पुलिस की प्रतिशत काफी है। मगर सिक्के का दूसरा पहलू ये भी है कि काम से ज्यादा आराम को महत्त्व देने वाले कुछ थानाध्यक्ष, कोतवाल औऱ चौकी इंचार्ज के चलते वो अपने क्षेत्रों में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में सफल नही हो रहे हैं। उनके क्षेत्र में पुलिस गश्त न होने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। हरिद्वार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को चाहिए ऐसे पुलिस अधिकारियों पर समय रहते आवश्यक कार्यवाही करें।
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