हरिद्वार की गूंज (24*7)
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(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। भेल हरिद्वार की हीप एवं सी. एफ.एफ.पी. की 16 यूनियनों द्वारा भेल हीप मेन गेट पर पी. पी. एवं बोनस के लिये संयुक्त समिति की बैठक ना बुलाये जाने, 5 वर्ष से अधिक होने पर भी यूनियन के मान्यता के चुनाव अभी तक ना होने, मृतक आश्रित के परिवार को रेगुलर नौकरी ना देने, एक करोड़ रूपये के टर्म इंश्योरेंस को लागू ना करने, भेल हरिद्वार प्रबन्धन की नाकामी के कारण भेल हरिद्वार में आये दिन हो रही चोरियों के लिये भेल प्रबन्धन के विरूद्ध विशाल विरोध प्रदर्शन किया गया। इस कार्यक्रम में भेल के सैकड़ों मजदूर उपस्थित हुये भेल प्रबन्धन के विरूद्ध मुर्दाबाद के नारे लगाये व रोष प्रकट किया गया। पंकज शर्मा एवं विकास सिंह ने कहा कि भेल प्रबन्धन कोरोना की आड़ में मजदूरों को मिलने वाला बोनस, पी.पी. को पिछले दो साल से नहीं दिया है और मजदूरों को मिलने वाली अन्य सुविधाओं जैसे नाईट एलाउंस, कैन्टीन सब्जिडी, व्हीकल सब्जिडी आदि की या तो कटौती कर दी या तो बंद कर दिया। जबकि अधिकारियों को मिलने वाली मोबाइल खरीदने की सुविधा व इसका बिल, फर्नीचर, कर्टसी आदि में किसी भी प्रकार की कोई भी कटौती नहीं की गई है। 9 अक्टूबर 2020 को करोना महामारी में जबकि कम्पनी लॉस में थी, करोड़ों रूपयों का पी.आर.पी. बाँट दिया गया परन्तु प्रबन्धन ने अभी तक वित्तीय वर्ष 2019-2020 एवं 2020-2021 के पी. पी. एवं बोनस की अभी तक संयुक्त समिति की बैठक नहीं बुलाई है। भेल कॉरपोरेट प्रबन्धन दिल्ली में दीपावली से पूर्व संयुक्त समिति की बैठक पूर्व की भाँति फिजिकल बुलाकर एक नवम्बर 2021 को उपरोक्त दोनों वर्षों के पी. पी. बोनस का भुगतान करें। सौरभ त्यागी और संदीप कुमार ने कहा कि यूनियन के मान्यता के चुनाव हुये 5 वर्ष से अधिक हो चुके है लेकिन भेल प्रबंधन कोरोना की आड़ लेकर भेल में मान्यता के चुनाव होने नहीं दे रहे है। जबकि पूरे भारतवर्ष में लोक सभा, विधान सभा, नगर निगम, नगर पंचायत आदि के चुनाव हो रहे है और भेल प्रबन्धन को लोकतान्त्रिक प्रक्रिया का पालन करते हुये तत्काल भेल में यूनियन्स् के मान्यता के चुनाव कराने चाहिये। मोहित शर्मा और अमित कुमार ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उपनगरी में भेल प्रबन्धन की नाकामी के कारण टाऊनशिप में चोरियों की घटनाओं में बेतहाशा बढ़ोत्तरी हुई है। सैकड़ों क्वार्टरों में बिजली के पंखे, विद्युत उपकरण, नल, दरवाजे आदि तथा सेक्टर 2 व 4 की डिस्पेंसरी और सुपरवाईजर हॉस्टल में भी लाखों की चोरियाँ हो चुकी है। पूर्व में एच.आर.डी.सी. में भी चोरों ने दो बार चोरियों की हुई है पर भेल प्रबन्धन द्वारा इन चोरियों पर गम्भीर ना होने के कारण चोरों ने 14 अक्टूबर 2021 की प्रातः 5 बजे हाइड्रो के जनरेटर में ताँबे की बारों को चोरी करके करोड़ों रूपयों का नुकसान कर दिया है। भेल प्रबन्धन दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करते हुये उनसे कम्पनी को होने वाले नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करें। राजकुमार और पवन कश्यप ने कहा कि पाँचवें फेस की लॉटरी निकले हुये लगभग 17 वर्ष से अधिक हो चुके है। यह मामला कोर्ट में लम्बित पड़ा हुआ है। जिसके कारण से कर्मचारियों को भूमि का आवंटन नहीं हो पा रहा है। हम भेल प्रबन्धन से पुरजोर माँग करते है कि वर्ष 2005 में आवेदकों एवं वर्तमान में जो भी कर्मचारी सेवारत है, इस फेस की जमीन पर उन सभी को मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाकर आवास आवंटित कर दिये जाये। अमरजीत सिंह एवं गगन वर्मा ने कहा जिन कर्मचारियों की मृत्यु कारोना काल में हुई है उन कर्मचारियों के लिए प्रबंधन जो सुविधा प्रदान कर रही है। साधारण मृत्यु होने पर भी कर्मचारियों को रिटायरमेंट की तारीख तक हर महीने बेसिक के बराबर रकम तथा रिटायरमेंट की तारीख तक क्वार्टर रेगुलर कर्मचारी की तरह दिया जाना चाहिए। प्रदर्शन में पंकज शर्मा, विकास सिंह, सौरभ त्यागी, इंद्रपाल शर्मा, मोहित शर्मा, पवन कश्यप, राजकुमार, सत्य सिलवास, संदीप चौधरी, अमरजीत सिंह, गगन वर्मा, प्रीतम सिंह, सौदाई, अमित, गोगना, जयशंकर सिंह, सचिन शर्मा, रविंद्र चौहान, प्रेमचंद सिमरा, रवि कश्यप, नईम खान, अतुल राय, संतोष कुमार, रामकुमार, महेंद्र बिष्ट, हरबंस लाल, कृपाल सिंह, रवि राय, अरविंद कुमार, कुमुद अतुल मिश्रा, आदेश कुमार, विकास परेडाशामिल 16 यूनियने HMS हीप एवं CFFR, HEWTU हीप, AITUC हीप एवं CFFR, BMS हीप एवं CFFR, HEMU हीप, BKP हीप, AIBEU हीप एवं CFFP, BSU (हीप), BES (हीप), CFFPSU (CFFP), FFMS (CFFP), CFFPWU (CFFP) और भेल के सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित थे।
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