हरिद्वार की गूंज (24*7)

(अविनाश गुप्ता) हरिद्वार। आज तीर्थनगरी हरिद्वार के कनखल स्थित आद्य शक्ति महाकाली मंदिर में आयोजित गुरु पूर्णिमा पर गुुरु पूजन के लिए भक्तोंं मेें जबरदस्त उत्साह रहा। आषाढ़ मास में पड़ने वाली पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। हिंदू मान्यता के अनुसार इस दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था। इस दिन को देश में बेहद श्रद्धा भाव से मनाया जाता है। यूं तो हर पूर्णिमा का महत्व बहुत अधिक होता है लेकिन गुरु पूर्णिमा जिसे व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, इसे बेहद फलदायी माना जाता है। बता दें कि व्यास जी को प्रथम गुरु माना जाता है। हिंदू पंचांग के चौथे महीने आषाढ़ की पूर्णिमा के दिन ही गुरु पूर्णिमा मनाया जाता है। कहा जाता है कि पहली बार मानव जाति को चारों वेदों का ज्ञान वेद व्यास जी ने ही दिया था।इस अवसर पर राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा के पदाधिकारियों ने निंरजन पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज के सानिध्य में दीक्षा भी ग्रहण कि। शिष्यों द्वारा अपने गुरुओं का पूजन धूमधाम से कर गुरु मंत्र लिया गया। इस अवसर पर भक्तों को आशीर्वाद देते हुए निंरजन पीठाधीश्वर आचार्य महमंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा के रूप में भी जाना जाता है भगवान से मिलाने का कार्य गुरु करता है इस श्रृष्टि में गुरु से बड़ा कोई नहीं है। गुरु पूजन की परंपरा अनादि काल से है। इस अवसर पर आशुतोष पांडे, डॉ विनोद तिवारी, प्रदीप कुमार शर्मा, गौरव कौशिक, पंकज दत्त शर्मा, विजय कौशिक, संजय शर्मा, मनोज शर्मा, रामप्रसाद गॉड, विजय कुमार, राजू शर्मा, पुनीत शर्मा, मोहित पंडित, शुभम पंडित, प्रमोद कुमार मिश्रा, राजेंद्र पाराशर आदि ने दीक्षा ग्रहण की।

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