हरिद्वार की गूंज (24*7)
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(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। गौरैया की विलुप्ति एक स्पष्ट सन्देश दे रही है कि हमारे पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है। इसलिए गौरैया को हमें वापस लाना होगा। यह शब्द उत्तराखण्ड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय में आयोजित विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि कहे। उन्होंने कहा कि पक्षी और कृषि की दोस्ती विश्वविख्यात है। इसलिए पक्षियों को घातक कीटनाशकों के प्रभाव से बचाना हमारी जिम्मेदारी बन जाती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य तेजी से जैविक खेती की तरफ बढ़ रहा है और जल्द ही हम पूरे उत्तराखण्ड में गौरैया सहित सम्पूर्ण जैव विविधता को रसायनिक खाद एवं कीटनाशकों के प्रकोप से राहत देंगे। सुबोध उनियाल ने कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ विनय सेठी के गौरैया पक्षी के ऊपर दिये भावपूर्ण व्याख्यान से प्रभावित होकर उन्हे मंच पर शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० रूपकिशोर शास्त्री ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि मानव के अविवेकपूर्ण आचरण में पर्यावरण की दशा खराब कर दी है। उन्होने कहा कि मनुष्य की मांसाहारी की प्रवृत्ति से हमारा प्रकृति के साथ तालमेल गडबड़ा रहा है, जिसकी भारी कीमत मनुष्य को चुकानी पड़ रही है। उन्होने देश की युवा पीढ़ी को आगे बढ़कर प्रो० दिनेश भट्ट द्वारा संचालित नेस्ट बाक्स अभियान में भागीदारी की आह्वान किया। उन्हांने कहा कि प्रो० दिनेश भट्ट ने पक्षी संरक्षण के क्षेत्र में अपनी अथक प्रयासों से अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर एक विशेष पहचान बनाई है, जिससे अनेक बार गुरुकुल भूमि गौरवान्वित हुई है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि तथा प्रसिद्ध पर्यावरणविद् प्रो० बी०डी जोशी ने कार्यक्रम में युवाओं के उद्गारों का सुना और कहा कि आज का युवा वर्ग पर्यावरण को लेकर अत्यन्त सजग है। इसलिए हम यह आशा कर सकते है कि आने वाले वर्षों में पर्यावरण की स्थिति में सुधार होगा। कार्यक्रम के संयोजक एवं अन्तर्राष्ट्रीय पक्षी वैज्ञानिक प्रो0 दिनेश भट्ट ने देश के विभिन्न भागों में गौरैया की स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होने कहा कि उनकी प्रयोगशाला द्वारा गौरैया के लिए कृत्रिम लकड़ी के घोंसले तैयार किए गए है, जिनमें बहुत सरलता से गौरैया अपना घोंसला बना रही है। उन्होने आह्वान किया कि आज के देश के जागरूक समाज को आगे आकर गौरेया को बचाना होगा, वना भावी पीढ़ी हमें कभी माफ नहीं करेगी। उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के युवा पक्षी वैज्ञानिक डा० विनय सेठी ने पावर पाईंट प्रजेंटेशन के माध्यम से गौरैया की घटती संख्या की समस्या को प्रतिभागियों के सामने रखा। उन्होंने कहा कि अगर हम समय रहते गौरैया के बचाव को लेकर नहीं चेते तो निकट भविष्य में गौरैया का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। आने वाली पीढ़ियां केवल गौरैया को किताबों में पढ़ेगी। सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि गौरैया का गौरव लौटाएं, ताकि फिर आंगन व छत पर गौरैया गीत गाती नजर आए। भेषज विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो० सत्येन्द्र राजपूत ने कहा कि गौरैया संरक्षण के क्षेत्र में देश के वैज्ञानिक वर्ग एवं आम नागरिक को मिलकर काम करना होगा तभी हमारा पर्यावरण सुरक्षित रह सकेगा। इस अवसर पर प्रो० नवनीत, प्रो० एल०पी पुरोहित, प्रों० कर्मजीत भाटिया, प्रो० ब्रह्मदेव, प्रो० नमिता जोशी, प्रो० डी०एस मलिक, डा० विनोद कुमार, डा० गगन माटा, डा० कपिल गोयल, डा० अश्वनी, डा० विपिन शर्मा, डा० प्रिंस प्रशान्त, मनोहर दत्त पंचैली, डा० हेमवती नन्दन, डा० पवन, डा० मनोज, डा० संगीता मदान, प्रमोद कुमार, डा० पंकज कौशिक, प्रकाश तिवारी, कुलभूषण शर्मा, दीपक आनन्द इत्यादि उपस्थित रहे। इस अवसर पर देश के 20 से अधिक शिक्षण संस्थानों के लगभग 200 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन डा0 राकेश भुटियानी ने किया तथा डॉ नितिन काम्बोज ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमे देश के विभिन्न राज्यों से गौरैया संरक्षण को लेकर विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने चार वर्ग में प्रतिभाग किया। भाषण प्रतियोगिता केटेगरी एक में प्रथम स्थान स्वामी हरिहरानन्द पब्लिक स्कूल की वृन्दा तथा द्वितीय स्थान समीक्षा ने प्राप्त किया। भाषण प्रतियोगिता केटेगरी दो में कौशिक पब्लिक स्कूल की अजरा मलिक ने प्रथम, डी०पी०एस रानीपुर की आद्या अग्रवाल ने द्वितीय स्थान, महर्षि विद्या मंदिर के अमन शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। भाषण प्रतियोगिता केटेगरी तीन में आर्य पी०जी कालेज पानीपत की छात्रा जिज्ञासा ने प्रथम, आर्य कालेज आॅफ फार्मेसी बरेली की कु0 प्रिया ने द्वितीय तथा महर्षि विद्या के स्वतंत्र चैधरी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। भाषण प्रतियोगिता केटेगरी चार में उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार के विश्र्वतमानन्द ने प्रथम, गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के रोशन यादव तथा प्रवेश ने क्रमशः द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्रापत किया। स्लोगन प्रतियोगिता के अन्तर्गत केटेगरी एक में समीक्षा ने प्रथम, ज्ञान गंगा एकेडमी की छात्रा कृत्रिमा पंचोली ने द्वितीय तथा डी०ए०वी पब्लिक स्कूल की जीविका नेगी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। स्लोगन प्रतियोगिता के अन्तर्गत केटेगरी दो में व्योम गर्ग, आद्या अग्रवाल तथा भव्य मदान ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त किया। स्लोगन प्रतियोगिता के अन्तर्गत केटेगरी तीन में ईशा गर्ग ने प्रथम, जिज्ञासा तथा चेतन्य ने क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। स्लोगन प्रतियोगिता के अन्तर्गत केटेगरी चार में उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय की अनुज चौधरी ने प्रथम एल०एम०पी०जी कालेज ऋषिकेश की कल्याणी सेमवाल ने द्वितीय तथा छात्रा आफरीन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। गौरैया संरक्षण थीम पर विडियो मेकिंग प्रतियोगिता में सीनियर वर्ग में कीर्ति नेगी ने प्रथम, अमन शर्मा ने द्वितीय तथा विकास शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विडियो मेकिंग प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में प्रथम पुरस्कार नोएडा के आदित्या मिश्रा को, देहरादून के प्रज्ञान को द्वितीय तथा ज्ञान गंगा एकेडमी की गौरी स्थान प्राप्त हुआ। पोस्टर प्रतियोगिता में चेन्नई की छात्रा दिव्या दर्शनी को प्रथम, तथा डी पी एस हरिद्वार के अरिंदम अगरवाल को द्वितीय तथा स्वामी हरिहरनन्द स्कूल की विधी विश्वकर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
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