हरिद्वार की गूंज (24*7)
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(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। बहादराबाद ब्लॉक क्षेत्र के अलीपुर गांव स्थित मिट्टी की परमिशन की आड़ में खनन माफियाओं ने अपना तांडव मचा रखा है। बेखौफ खनन माफिया अवैध खनन के काले कारोबार को अंजाम देकर बिना रमन्ने के डंपरो को सड़कों पर दौड़ रहे हैं। लेकिन प्रशासन में बैठे अधिकारी जान कर भी अंजान बने हुए हैं। अवैध खनन से भरे ओवरलोड डंपर लगातार बहादराबाद पुलिस की आंखों के सामने से धड़ल्ले से गुजर रहे हैं। लेकिन पुलिस के नौजवान खनन माफियाओं पर हाथ डालते कतरा रहे हैं आखिर क्यों। जो चिंता का विषय है। आपको बता दें कि आगामी महाकुंभ की दृष्टि से हरिद्वार में चल रहे कार्यों को जल्द से जल्द संपन्न कराने के लिए मिट्टी की परमिशन जारी है। जिसका फायदा उठाकर खनन माफिया निर्धारित नाप से ज्यादा मिट्टी उठाने का कार्य लगातार कर रहे हैं। हर परमिशन पर कई गुना घन मीटर मिट्टी उठाई जा रही है। लेकिन दुर्भाग्य कोई भी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का एहसास नहीं कर रहा है। जिसका फायदा उठाकर खनन माफिया खेतों और बंजर जमीनों को उजाड़ कर कई गुना मिट्टी उठाकर अपनी तिजोरी भरने में लगे हैं। इतना ही नहीं खनन माफिया परमिशन के नाम पर जो भूमि अधिकारियों को दिखाते हैं दरअसल वहां से मिट्टी उठाई ही नहीं जाती है। बल्कि ग्राम पंचायतों की जमीनों को खनन माफिया अपनी योजना के तहत शिकार बनाकर बड़े पैमाने पर मिट्टी उठाते हैं। जिसका उदाहरण अलीपुर गांव में चल रही मिट्टी की परमिशन है। जहां दिन रात जेसीबी मशीनों की गड़गड़ाहट क्षेत्रवासियों के कानों में गूंज रही है। लेकिन खनन माफियाओं की दबंगई के आगे क्षेत्रवासी अपनी आवाज नहीं उठा पा रहे हैं जिसका फायदा सीधे-सीधे खनन माफिया दर्जनों डंपर अवैध खनन के कारोबार में लगाकर उठा रहे हैं। आखिरकार बहादराबाद पुलिस इन खनन माफियाओं पर मेहरबान क्यों है। क्यों पुलिस के जवानों के सामने से बिना रमन्ने और ओवरलोड मिट्टी से भरे डंपर गुजर रहे हैं हालांकि बहादराबाद क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है और चलानी कार्यवाही भी कर रही है। इस हालात में इन पुलिस के जवानों के सामने से अवैध मिट्टी से भरे ओवरलोड वाहन गुजरना दुर्भाग्य की बात है। जिससे खाकी वर्दी पर सवाल उठने लाजमी है। बहादराबाद पुलिस की ढीली लचक से सीधे-सीधे खनन माफियाओं को फायदा और राजस्व को हानी पहुंच रही हैं। इतना ही नहीं विभागीय अधिकारी भी इस संबंध में मूर्ख दर्शक की भूमिका निभाने में हैं। समाचार पत्रों में खनन माफियाओं की करतूत प्रकाशित होने के बाद भी उनके विरुद्ध कोई ठोस कदम नहीं उठाते है। क्योंकि खनन माफियाओं की दया दृष्टि सदैव इन पर भारी रहती है। जिसका वजन अपने फर्ज से कई गुना ज्यादा होता है। उच्चधिकारी इस और गंभीरता से विचार करें और अलीपुर में चल रही मिट्टी की परमिशन का संज्ञान लेकर तत्काल जांच कराएं।
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