हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। फिट है वो हिट है। यह उक्ति इस बात का संदेश देती है कि व्यक्ति को स्वयं को तदुरूस्त के साथ फिट रखने के लिए जागरूक एवं संवेदनशील रहना चाहिए। समय बदला, समाज का स्वरूप बदला और जीवन शैली बदल गई। आज व्यक्ति को फिट रहने के लिए अनेक उपाय एवं संसाधन उपलब्ध है। परन्तु पुरातन युग में यह फिटनेस हमारे दैनिक जीवन का सदैव से अभिन्न अंग बना रहा। यातायात के दुर्लभ साधनों के बीच मे अपना घरेलू साधन साईकिल भी चुनिन्दा घरों में ही मिलती थी। जिसका उपयोग व्यक्ति खेत-खलियान, सामाजिक महत्व तथा घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने में उपयोग करता था।  तीन-चार दशक पहले के समय को याद किया जाये तो साईकल से जुडी यादे ताजा हो जाती है। शायद साईकल के इसी महत्व को देखकर संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से पहली बार अधिकारिक रूप से 3 जून 2018 को विश्व साईकल दिवस मनाया गया था। इस दिवस को जहां स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल साधनों को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है। इससे कार्बन उत्सर्जन कम हो और दैनिक जीवन मे साईकल का उपयोग लोकप्रिय बन सके। इसलिए स्वयं के साथ पर्यावरण को भी स्वस्थ रखने की नई मुहिम का समर्थन करते हुए हम सबको इस बात का प्रण लेना चाहिए कि सप्ताह में कम से कम एक दिन साईकल के उपयोग को व्यवहार में लाना चाहिए। बिना किसी आर्थिक व्यय के प्रतिदिन इसका प्रयोग करने से जहां रक्त संचार बेहतर होता है, वही जोडो के दर्द से जुडी समस्याएं दूर होती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है वही मस्तिष्क में हेल्प हार्मोस बनने से तनाव दूर होता है।
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