हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। मेला अस्पताल जो कि विशेष रूप से कोविड-19 के मरीजों के लिए इन दिनों स्थापित किया गया है। दरअसल यंहा तैनात नर्सिंग स्टाफ के लोगों ने सीएमओ और नोडल अधिकारी पर दुर्व्यवहार और अभद्रता करने के आरोप लगाए हैं। मामले में जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं, नर्सिंग स्टाफ का आरोप है कि वर्तमान में करीब 55 कोरोना मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। उनके खाने पीने से लेकर सभी इंतजामात अस्पताल प्रशासन द्वारा लचर हैं।
VIDEO: नर्सिंग स्टाफ ने सी०एम०ओ सहित नोडल अधिकारियों पर अभद्रता के आरोप लगाए
उन्होंने य भी बताया कि हॉस्पिटल स्टाफ नर्स की रिपोर्ट कोरोना पोजिटिव आई थी नर्स को भी उसी वार्ड में रखा गया है, जिसके कारण स्टाफ और मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा सभी पेशेंट के लिए एक वार्ड बॉय को ही तैनाती अस्पताल में की गई है। समस्या के बाबत जब सीएमओ और नोडल अधिकारियों को सूचित किया गया तो संतुष्ट जवाब देने की बजाय वह स्टफ से ही दुर्व्यवहार और अभद्रता करने लगते हैं।
देखें वीडियो: हरिद्वार जिलाधिकारी सी० रविशंकर
जब इस बारे में डीएम हरिद्वार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कोरोना मरीजों के लिए तीन तरह के अस्पताल बनाये गए है और लक्षण के अनुसार मरीज़ को भर्ती किया जा रहा है पानी की कमी अगर है तो व्यवस्था की जाएगी और अभी तक किसी मीटिंग आदि में भी किसी ने इस तरह की कोई बात नही की। अगर इस तरह की शिकायतें है तो वह इस बारे में जांच करवाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस कोरोना आपदा के समय में हॉस्पिटल के डॉक्टर्स और स्टाफ बीमार लोगो की सेवा करने में अपने जान की परवाह किया बिना जी जान से लगे हुए है मगर हरिद्वार में मेला अस्पताल की स्टाफ नर्सेज मूलभूत सुविधाओं के आभाव में कार्य करने और मांगे ना मानी जाने जैसी समस्याओ से परेशान है, वही स्टाफ नर्स सीएमओ और नोडल अधिकारी पर लापरवाही का आरोप भी लगा रही है हालांकि इस मामले में डीएम जांच की बात कर रहे है अब देखने वाली बात होगी कि इन नर्सेज की परेशानी का हल कब तक होता है।
उन्होंने य भी बताया कि हॉस्पिटल स्टाफ नर्स की रिपोर्ट कोरोना पोजिटिव आई थी नर्स को भी उसी वार्ड में रखा गया है, जिसके कारण स्टाफ और मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा सभी पेशेंट के लिए एक वार्ड बॉय को ही तैनाती अस्पताल में की गई है। समस्या के बाबत जब सीएमओ और नोडल अधिकारियों को सूचित किया गया तो संतुष्ट जवाब देने की बजाय वह स्टफ से ही दुर्व्यवहार और अभद्रता करने लगते हैं।
जब इस बारे में डीएम हरिद्वार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कोरोना मरीजों के लिए तीन तरह के अस्पताल बनाये गए है और लक्षण के अनुसार मरीज़ को भर्ती किया जा रहा है पानी की कमी अगर है तो व्यवस्था की जाएगी और अभी तक किसी मीटिंग आदि में भी किसी ने इस तरह की कोई बात नही की। अगर इस तरह की शिकायतें है तो वह इस बारे में जांच करवाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस कोरोना आपदा के समय में हॉस्पिटल के डॉक्टर्स और स्टाफ बीमार लोगो की सेवा करने में अपने जान की परवाह किया बिना जी जान से लगे हुए है मगर हरिद्वार में मेला अस्पताल की स्टाफ नर्सेज मूलभूत सुविधाओं के आभाव में कार्य करने और मांगे ना मानी जाने जैसी समस्याओ से परेशान है, वही स्टाफ नर्स सीएमओ और नोडल अधिकारी पर लापरवाही का आरोप भी लगा रही है हालांकि इस मामले में डीएम जांच की बात कर रहे है अब देखने वाली बात होगी कि इन नर्सेज की परेशानी का हल कब तक होता है।



Post A Comment:
0 comments so far,add yours