हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। मार्च 2020 से पूरे विश्व में कोरोना महामारी का प्रकोप फैला हुआ है। पूरी मानव जाति इस कोविड 19 वायरस से पीड़ित हैं।इन परिस्थितियों में ईश्वरीय शक्ति ही एकमात्र आशा की किरण है। कुंडलिनी जागरण के द्वारा आत्म साक्षात्कार के अनुभव से ही मानव अपने अंदर स्थित ईश्वरी शक्ति को जान सकता है। माता निर्मला देवी ने 1970 में सहजयोग प्रारम्भ किया जिसमें कुंडलिनी जागरण के द्वारा ईश्वरीय शक्ति से आसानी से जुड़ा जा सकता है। इसी क्रम में देश के दो महापुरूषों राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयन्ती 2 अक्टूबर 2020 को 12 भाषाओं में सुबह 8.00 बजे से लेकर शाम 8.00 बजे तक कुंडलिनी जागरण द्वारा ईश्वरीय शक्ति से जुड़ने हेतु आत्म साक्षात्कार का कार्यक्रम ऑनलाईन आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम सहजयोग की वेबसाइट https://www.sahajayoga.org.in/live पर लाइव प्रसारित होगा। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्कृत में होकर दिनभर क्रमशः हिंदी, बंगाली, तेलुगु, तमिल, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, पंजाबी, मराठी, उड़ीया और अंत में अंग्रेज़ी से समापन होगा। इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए सभी सत्य के खोजियों एवं ईश्वरीय शक्ति से जुडने के इच्छुक व्यक्तियो को सहजयोग परिवार आमंत्रित करता है। नये साधकों के जुड़ने हेतु टोल फ्री हैल्पलाईन नम्बर 180030700800 भी जारी किया हुवा है। जिसे देश में फैले सहजयोगी संचालित कर रहे हैं। सहजयोग सामूहिक ध्यान शक्ति मानव शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को सशक्त बनाती है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाती है जिससे शरीर निरोगी रहता है। आज पूरे विश्व के भारत सहित लगभग 125 से अधिक देशों में सभी धर्म एवं जाति के लोगो द्वारा सहजयोग ध्यान को अपनाया गया है। इस विषम समय में भी विश्व के इन देशो में भी सहजयोगी ध्यान के द्वारा अपने जीवन का आनंद उठा रहे हैं, कोविड-19 से निर्मित आपदा के प्रभाव को कम करने एवं उसके उन्मूलन की दिशा में सहजयोग सामूहिक ध्यान शक्ति एक कारगर उपचार साबित हो रहा है। इस दिशा में विश्व भर में फैले हुए, अनेक देशों के लाखों सहजयोगी साधक, लॉकडाउन और सामाजिक दूरी के इस दौर में अपने-अपने घरों में प्रतिदिन ऑनलाईन सामूहिक ध्यान से जुड़कर दिव्य चेतना को अनुभव भी कर रहे हैं और वातावरण में भी फैला रहे हैं। साथ ही सामूहिक ध्यान शक्ति से इस विश्वव्यापी बाधा को समाप्त करने हेतु प्रार्थनाएं, हवन-पूजन एवं सहजयोग ध्यान पद्धति से जुड़ी सभी दिव्य युक्तियों का प्रयोग अपने-अपने स्थानों से कर रहे हैं। भारत में सामूहिक ध्यान का ऑनलाईन प्रसारण पूणे स्थित “सहजयोग प्रतिष्ठान” से प्रतिदिन प्रातः 5.30 बजे एवं सायं 7.00 बजे से किया जा रहा है। इस सामूहिक ध्यान के लिए यू-ट्यूब, फेसबुक, मिक्स एलआर और टीवी जैसे प्लेटफार्म का उपयोग किया जा रहा है। हाल ही में ग्लोबल रिकोर्डस एंड रिसर्च फाउंडेशन द्वारा सहजयोग ऑनलाईन मेडिटेशन को तीन वल्ड रिकॉर्डस प्राप्त हुए। इस नियमित ऑनलाईन सामूहिक ध्यान में उत्तराखण्ड के भी हजारों सहजयोगी भाग ले रहे हैं। उत्तराखण्ड में सहजयोग गांव-गांव तक फैल चुका है और उत्तराखण्ड के सभी जिलों में सहजयोग ध्यान केन्द्र स्थापित है। सहजयोग पूर्णतः निःशुल्क है, इसमें किसी भी धर्म-सम्प्रदाय-जाति या वर्ण के लोग जुड सकते है।



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