हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन अभियान देशभर में व्यापक तौर पर राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में शुरू किया था तथा अभियान के अंतर्गत 2 अक्टूबर 2019 तक स्वच्छ भारत की परिकल्पना को साकार करने का लक्ष्य निर्धारित भी किया गया था। जिसके बाद केंद्र सरकार में बैठे मंत्रियों से लेकर उच्चधिकारियो तक हाथों में झाड़ू लेकर साफ सफाई करते हुए स्वच्छता का संदेश देते हुए देखे गए थे। तो वही सामाजिक संस्थाएं भी पीछे नहीं रही, तथा संस्थाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा जनमानस को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। 
लेकिन समय के साथ धीरे धीरे स्वच्छ भारत मिशन अभियान सिमटता नजर आ रहा है। शासन-प्रशासन में बैठे राजनेता और आलाधिकारी ही स्वच्छता के संदेश की धज्जियां उड़ा रहे हैं। शहर से लेकर गांव-गांव तक चारों ओर गंदगी ही गंदगी देखी जा सकती है। यहां तक धार्मिक स्थल भी छूटे नहीं हैं। धार्मिक स्थलों पर भी गंदगी के अंबार देखे जा सकते हैं। वही पिरान कलियर नगर पंचायत भी इसी का हिस्सा है। जबकि साबिर पाक की विश्व प्रसिद्ध दरगाह होने के बावजूद भी परिषद क्षेत्र में गंदगी ही गंदगी देखी जा सकती है। 
बाजारों में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। तथा बारिश के मौसम में गंदगी से भयंकर बीमारियों का खतरा भी श्रद्धालुओं पर मंडरा रहा है। यहां लाखों की संख्या में आए दिन श्रद्धालु अपनी मन्नतओं के लिए आते रहते हैं। लेकिन दरगाह प्रबंधक और नगर पंचायत अधिकारियों की अनदेखी श्रद्धालुओं पर भारी पड़ रही है। श्रद्धालुओं की आस्था के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है। यहां साफ सफाई के नाम पर बड़ा बजट खर्च करने के बाद भी धरातल पर कुछ भी देखने को नहीं मिलता है। प्रशासन में बैठे आलाधिकारियों की लापरवाही का नतीजा ही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन अभियान परवान नहीं चढ़ पा रहा है। नतीजन पूरेेे जनपद में गांव से लेकर शहर तक गंदगी ही गंदगी देखी जा सकती है।
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