हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। आज राष्ट्रीय धर्मशाला सुरक्षा समिति और क्षेत्रीय धर्मशाला प्रबंध समिति की एक बैठक निष्काम ट्रस्ट भूपतवाला में संपन्न हुई बैठक में उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा धर्मशालाओ और आश्रमों को भेजे जा रहे, नोटिसो को लेकर विरोध दर्ज कराया गया बैठक में उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रुड़की के क्षेत्रीय अधिकारी राजेंद्र सिंह कठैत भी उपस्थित रहे इस अवसर पर क्षेत्रीय धर्मशाला प्रबंधक समिति के अध्यक्ष गोपाल सिंघल और राष्ट्रीय धर्मशाला सुरक्षा समिति के अध्यक्ष महेश गौड़ ने कहा हरिद्वार की धर्मशालाएं और आश्रम उत्तर प्रदेश के समय से ही पूर्णतः कर मुक्त रहे है, और वर्तमान त्रिवेंद्र रावत सरकार ने भी आश्रम और धर्मशालाओं को न्यूनतम करारोपण की स्थिति में रखा हुआ है, लेकिन उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रुड़की द्वारा पिछले 3 महीने से धर्मशालाओ में नोटिस भेजे जा रहे हैं और बिजली पानी सीवर कनेक्शन तक काटने की धमकी दी जा रही है, जिसे धर्मशाला प्रबंधक किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे उन्होंने कहा कि अविभाजित उत्तर प्रदेश के समय से ही उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा 1987 के अपने आदेश में हरिद्वार की धर्मशालाओ और आश्रमों को पूर्णतः कर मुक्त रखा गया है, धर्मशाला सुरक्षा समिति के महामंत्री विकास तिवारी और क्षेत्रीय धर्मशाला प्रबंधक समिति के महामंत्री अवधेश कुमार ने कहा हरिद्वार की धर्मशालाएं और आश्रम मात्र व्यवस्था शुल्क पर तीर्थ यात्रियों को आश्रय उपलब्ध करा रही है और धर्मशालाएं और आश्रम पूर्व में ही सीवर टैक्स, गृह कर, बिजली का कमर्शियल बिल और पर्यटन विभाग में रजिस्ट्रेशन जैसे करारोपण से युक्त है, लेकिन इसके बाद भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दायरे में धर्मशालाओं को लाना कहां तक न्याय संगत है, सभी धर्मशालाओं के सीवर कनेक्शन सीवर लाइनों में जुड़े हुए हैं, अतः धर्मशालाएं किसी प्रकार के प्रदूषण नियंत्रण की परिधि में नहीं आती है, और ना ही किसी प्रकार की व्यवसायिक  गतिविधि में लिप्त हैं, अतः इस काले कानून को तुरंत निरस्त किया जाना हरिद्वार के हित में अत्यंत आवश्यक है, बैठक में पहुंचे शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने पहुंचकर सभी धर्मशाला और आश्रम के प्रबंधकों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का पक्ष सुना और उसके बाद उन्होंने दूरभाष पर उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष  आनंदवर्धन से दूरभाष पर वार्ता की और वार्ता मे यह तय हुआ कि फिलहाल प्रदूषण विभाग द्वारा इस प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए और अगले 3 दिनों में धर्मशाला समिति का 5 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल देहरादून जाकर आनंदवर्धन जी से मिलेगा और सारे विषय की लिखित जानकारी देगा इस पर उपस्थित सभी प्रबंधकों ने अपनी सहमति जताई बैठक की समाप्ति पर शहरी विकास मंत्री माननीय मदन कौशिक ने सभी धर्मशाला प्रबंधको को आवश्यक किया कि उनका शोषण नहीं होने दिया जाएगा और जो भी धर्मशालाओं के हित में होगा वह निर्णय लिया जाएगा बैठक का संचालन श्याम सुंदर शर्मा ने किया बैठक में रामअवतार शर्मा लक्ष्मी दत्त चिलकोटी, चंद्र प्रकाश शर्मा, रमेश भाई ठाकर, श्रीनिवास पांडे, गौरव भारद्वाज, प्रभात कौशिक स्वामी सत्यानंद गिरी जी, महेंद्र शर्मा, अमित शर्मा हेम नारायण, दिनेश शर्मा, प्रदीप शर्मा भूपेंद्र कुमार, भगवान प्रसाद त्रिखा, संजय शर्मा, शिवकुमार शर्मा, घनश्याम सांखला, लक्ष्मी प्रसाद त्रिपाठी, महंत श्याम पुरी, पार्षद प्रतिनिधि विदित शर्मा, विनीत जौली, अनिरुद्ध भाटी आदि उपस्थित रहे।
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