हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। सड़को में गड्डे होना अन्य देशों की अपेक्षा भारत देश में सामान्य बात है। वो बात अलग है कि इन गड्डो से दुर्घटनाओं के कारण जो जीवन समाप्त हो जाते है उनके प्रति बहुत ही कम देखा जाता है कि कोई सरकार या सम्बंधित अधिकारी संवेदनशील हो। मगर हरिद्वार लोक निर्माण विभाग के एग्जेक्यूटिव इंजीनियर दीपक कुमार इस विषय में काफी गम्भीर देखे गए है। उनके दिशा निर्देश में लक्सर रोड पर जो बेलदार कर्मचारी अक्सर मेहनत से सड़को के गड्ढे भरते देखे जाते है उसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम ही होगी। कुछ ही दिन बीते हैं जब बहादराबाद के निकट बोंगला गांव के एक दम्पत्ति अपने दो बच्चों को बाइक पर बैठाकर अपने घर आ रहे थे तो रास्ते मे अचानक एक गड्ढे में उनकी बाइक का पहिया गिरा तो पहले उनका छोटा 7 साल का बेटा बाइक से नीचे  गिरने लगा उसे सम्भालने के चक्कर मे दूसरा बेटा भी बाइक से गिर गया। दुर्भाग्यवश पीछे से आ रही सरकारी बस उन दोनों बच्चों को कुचलते हुवे निकल गयी। अपने दोनों बच्चों को खोने के बाद वो दम्पत्ति समझ नही पा रहे थे किसे  दोष दे सड़क के सम्बंधित गैर जिम्मेदार अधिकारियों को या किस्मत को! लोक निर्माण विभाग के एग्जेक्यूटिव इंजीनियर दीपक कुमार इन गड्डो के प्रति काफी संवेदनशील देखे जाते हैं। उनके इस मिशन को पूरा करने में मेठ घनश्याम जोशी, धनपुरा निवासी बेलदार रामनिवास, श्यामपुर निवासी हुकुम चंद, बाहर पीली निवासी राजपाल, ब्रह्मपुरी निवासी रघुवीर, कांगड़ी निवासी सन्तोष देवी का बहुत बड़ा योगदान है। उनकी यह टीम धूप, गर्मी सर्दी की परवाह न करते हुवे मेहनत से अपने फर्ज को अंजाम देते हुवे देखे जाते हैं। आम जनता हो या सरकारी अधिकारी भले भी इन मेहनती लोगो की कद्र न करती हो मगर इनके कारण प्रतिदिन सड़क दुर्घटनाओं पर जो अंकुश लगता हैं उससे कई परिवार के सदस्यों को जीवन दान जरूर मिलता हैं। राज्य सरकार औऱ स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वो दीपक कुमार जैसे अधिकारी और उनके काबिले तारीफ टीम का समय समय पर हौसला अफजाई करें। ताकि वो अपने कार्य को और भी ज्यादा बेहतर तरीके से अंजाम दे।
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