हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मौहम्मद आरिफ) हरिद्वार। हरिद्वार धर्मनगरी इन दिनों कड़ाके की सर्दी और शीतलहर की पूर्ण चपेट में हैं लगातार धर्मनगरी में लुढ़कते पारे के साथ साथ कंपकंपाने वाली ठंड हो रही है दिसंबर की सर्दी रिकॉर्ड तोड़ रही है ठंड का आलम यह है कि लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है, बढ़ती सर्दी से बाजारों की रौनक भी  गायब है और आमजन घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं, पिछले एक पखवाड़े से रोजाना सुबह कोहरे का असर दिखा जा रहा है, जो दिन के समय एक ऊंचाई पर ऊपर उठ रहा है और कोहरे का या एक छोटे से बादल के रूप में कवर बना रहा है, जिस कारण सूर्य देव की किरणे जमीन तक नहीं पहुंच रही है।जिससे दिन काफी ठिठुरन भरे हो रहे हैं, वहीं सोमवार को घने कोहरे ने सूर्य देव को अपने आगोश में लेकर जबरदस्त कहर बरसाया, शीत लहर के थपथपो ने पूरे दिन जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया, तो वही मंगलवार को सूर्य देव के प्रकट होने से जनजीवन को राहत की सांस मिली, कड़ाके की सर्दी में निकली धूप की किरणों से आमजन तपिश लेते हुए नजर आए।
                   देखें वीडियो: बाबू हसन
वहीं गैंडीखाता गुर्जर बस्ती निवासी बाबू हसन ने बताया कि कई दिनों की कड़ाके की ठंड ने लोगों को घरों में कैद कर दिया था चारों ओर घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा, उन्होंने बताया कि आज निकली धूप से बहुत राहत मिली है, युवाओं, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने जहां धूप से राहत की सांस ली है तो वही जानवरों को भी कड़ाके की ठंड से कुछ निजात मिली है कड़ाके की ठंड ने जानवरों का भी बुरा हाल कर दिया है, और गाय, भैंस कड़ाके की ठंड के कारण दूध भी कम दे रहे हैं उन्होंनेे बताया कि फसलों को भी कोहरे से बड़ा नुकसान है कोहरा फसलों को खराब करता है तो वही घने कोहरे के कारण जंगली जानवर भी खेती को नुकसान पहुंचाते हैं, उन्होंने शासन प्रशासन से मांग की है कि इस कड़ाके की ठंड में जो गरीब लोग सड़कों पर अपना जीवन व्यापन कर रहे हैं उनके लिए शासन प्रशासन अलाव और गर्म वस्त्र उपलब्ध कराएं, जिससे वे लोग कड़ाके की ठंड से बच सकें।
Share To:

Post A Comment:

0 comments so far,add yours