हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। अब तक कई परिवारो को उनके बिछड़ो से मिलाने के क्रम में "ऑपरेशन स्माइल टीम प्रथम हरिद्वार" ने हल्द्वानी के लक्की को उसके परिजनों से मिलवाया। हुआ यूं कि हरिद्वार के राजकीय बाल गृह रोशनाबाद में जब टीम के सदस्य पहुँचे तो वहाँ लक्की नामक बालक ने बताया कि वह हल्द्वानी का रहने वाला है, उसके बताये पते पर सम्पर्क करने पर उसके अभिभावक जो कि उसके फूफा चंद्रभान बहादुर और भाई विनोद से जानकारी मिली उसके अनुसार वह बिना बताए घर से चला गया था। इसके लिए काफी दिनों से खोजबीन भी चल रही थी। उसके बाद लक्की के परिजनों को भरोसा दिलाया गया कि उनका बालक राजकीय बाल गृह में सुरक्षित है। उसके बाद वो हरिद्वार आकर टीम से मिले। उनके गुमशुदा बालक लक्की को सीडब्ल्यूसी के माध्यम से उनके फूफा चंद्रभान बहादुर व उसके भाई विनोद के सुपुर्द किया गया, अपने बालक को सुरक्षित पाकर उन्होंने ऑपरेशन स्माइल की टीम का धन्यवाद किया। इसी के साथ-साथ हल्द्वानी के ही एक औऱ बालक कुणाल आर्य की कॉउंसलिंग करके उसके घर का पता लगाया, जिसके बाद उसे सीडब्ल्यूसी के माध्यम से उसके मौसा जितेंद्र प्रताप को सुपुर्द किया गया। बालक कुणाल अपने मौसा से मिलकर काफी खुश हुआ। दोनो ही बच्चों के परिजनों ने टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तराखंड पुलिस के इस सराहनीय प्रयास से हमारे बालक गलत हाथों में न जाकर हमे सुरक्षित मिल पाए। उन्होंने टीम के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। "ऑपरेशन स्माइल टीम प्रथम हरिद्वार" के द्वारा अब तक किए गए कार्यों की प्रशंसा करते हुए एस०पी सिटी हरिद्वार श्री मति कमलेश उपाध्याय ने कहा कि हमारी टीम ऑपरेशन शिनाख्त में भी लावारिस लाशों की पहचान करके उनके परिजनों तक पहुँचाने का कार्य भी कर रही है। 
टीम में एस०आई वीरेन्द्र सिंह नेगी, ए०एस०आई पंचराम शर्मा, कॉन्स्टेबल देवेंद्र सिंह, कॉन्स्टेबल कपिल व महिला कांस्टेबल निर्मला शामिल रही।
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