हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। देश में पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार थमने का नाम नहीं ले रहा है लगातार पत्रकारों को जान से मारने की धमकी, गाली-गलौज से लेकर जान से भी मारे जाने की आम बात हो गई है, कानून का चौथा स्तंभ कहा जाने वाला पत्रकारिता का गला कभी दबंग लोगों द्वारा तो कभी प्रशासन के अधिकारी, कर्मचारी के द्वारा घोटा जा रहा है। लगातार अप्रिय घटना पत्रकारों के साथ घटती रहती है लेकिन मोदी सरकार पत्रकारो की सुरक्षा के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठा रही है, जिससे पत्रकारों का उत्पीड़न रोका जा सकें। अभी रुड़की गंगनहर पुलिस द्वारा वरिष्ठ पत्रकार के साथ मारपीट का मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि एक और नया मामला सामने आ गया है आपको बता देंं कि यह मामला बहादराबाद ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत गांव धनौरी स्थित चकबंदी विभाग के दफ्तर का है जहां चकबंदी पटवारी ने पत्रकार मौहम्मद आरिफ तथा पत्रकार नौशाद अली के साथ अभद्रता व्यवहार किया है। पत्रकार जसवावाला चकबंदी में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचारी के खेल की ग्रामीणों की सूचना पर खबर के लिए चकबंदी दफ्तर गए थे जानकारी ना देकर पटवारी चमनलाल अभद्रता करने पर उतारू हो गया। और कहा कि पत्रकारों को किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं दी जाएगी। उन्होंने पत्रकारो को कहा कि पत्रकार हो तो क्या हुआ तुम कहीं भी चले जाओ, जानकारी नहीं मिलेगी और यह बात कहते हुए दफ्तर से फरार हो गया, वहीं दफ्तर में बैठे ग्रामीण फरियादियों ने पत्रकारों से अपनी आप बीती बताते हुए कहा कि पटवारी चमनलाल फरियादियों के साथ भी ऐसा ही व्यवहार करता है। जिससे क्षेत्र के ग्राम वासी पटवारी के व्यवहार से बहुत खफा हैं। चकबंदी पटवारी चमनलाल के अभद्रता व्यवहार के संबंध में पत्रकारों ने सीडीओ द्वारा जिलाधिकारी को लिखित पत्र देकर अवगत कराया है। और मांग की गई है कि पत्रकारों के साथ अभद्रता करने वाले चकबंदी पटवारी चमनलाल के विरुद्ध ठोस कार्रवाई की जाए, अगर पटवारी चमनलाल पर कोई कार्यवाही नहीं होती, तो सभी पत्रकार यूनियन एकजुट होकर आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे, जिसके जिम्मेदार शासन प्रशासन होगें।



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