हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। वन प्रभाग द्वारा रसिया वर्ड इत्यादि क्षेत्रो में किये गए निर्माण व वन संरक्षण कार्यो पर सूचना व अधिकार के अधिनियम के तहत बड़े भ्रष्टाचार के प्रकाशन के उपरांत पूर्व कृषि उत्पादन मंडी समिति अध्यक्ष, भाजपा नेता संजय चोपड़ा के संयोजन में कंधारी धर्मशाला स्थित कार्यालय पर सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बैठक कर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से वन प्रभाग व भ्रष्टाचार से संबंधित प्रकरण की सीबीआई से जांच की मांग की सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुख्य वन संरक्षक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सरकार से मुख्य संरक्षक को पदमुक्त किये जाने की मांग की। पूर्व में कोटद्वार, लालढांग, चिल्लरखाल, कंडी मार्ग को रोके जाने के प्रयास किये गए थे और वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की छवि को धूमिल करने का प्रयास शासन स्तर के अधिकारी कर रहे है जिसे बर्दाश्त नही किया जाएगा और चरणबद्ध तरीके से वन प्रभाग/विभाग इत्यादि क्षेत्रो में किये गए कार्यो की संयुक्त रूप से सीबीआई जांच किये जाने की मांग को दोहराया। इस मौके पर पूर्व कृषि उत्पादन मंडी समिति अध्यक्ष, भाजपा नेता संजय चोपड़ा ने कहा वन विभाग की लापरवाही के उच्च अधिकारियों के वजह से उत्तराखंड के जंगलों में आग लगी हुई है और अधिकारियो के सुस्त रवैयों के कारण वन संपदा जीव जंतुओं को मुश्किलो का सामना करना पड़ रहा है वहीं वन संरक्षक बेलगाम होकर वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे है जिसे कतई बर्दाश्त नही किया जाएगा। उन्होंने कहा हरिद्वार रसिया वर्ड में कैम्पा योजना के पैसे की भारी बंदरबांट की गई है जिसके प्रमाण जग जाहिर हुए है। उन्होंने कहा की 2 सप्ताह के अंदर दोषी अधिकारियों के खिलाफ यदि ऊँचे स्तर पर कार्रवाई नही की जाती है तो चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किये जायेंगे। चोपड़ा ने यह भी कहा राज्य की मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए बर्तक प्रयास कर रही है उसी के तहत वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के सख्त रवैये के कारण वन विभाग के उच्च अधिकारी अपनी मनमानी चला रहे है जोकि बर्दाश्त नही किया जाएगा, सामाजिक कार्यकर्ता आर.एस. रतूड़ी, व्यापारी नेता पंडित सुनील कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि हरिद्वार मनसा देवी, चंडी देवी इत्यादि जंगल के क्षेत्रो में आग लगना आम बात हो गयी है जबकि वन विभाग में संसाधनों की कोई कमी नही है लेकिन अधिकारियों की लापरवाही की वजह से उत्तराखंड के जंगल जल रहे है और वन के उच्च अधिकारी बरसात के इंतज़ार कर रहे है उन्होंने कहा कि वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत जनता के जन प्रतिनिधि है जनता उनके साथ एकजुटता के साथ खड़ी है व अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए वन संपदा व वन्य जीव जंतुओं को बचाने के लिए कड़े कदम उठाए और हरिद्वार के रसिया वर्ड से संबंधित प्रकरण की सीबीआई जांच की संतुति करे ताकि दूध का दूध, पानी का पानी जनता के सामने जग जाहिर हो सके उन्होंने चेतावनी दी यदि शीघ्र ही वन विभाग के संरक्षक व उच्च अधिकारियों पर कार्रवाई नही की गई तो धरने- प्रदशनो के साथ-साथ आमरण-अनशन किये जायेंगे और वन संपदा व जीव जंतुओं को बचाने की यह मुहिम जारी रहेगी। उत्तराखंड राज्य की वन संपदा व जीव जंतुओं को बचाने की इस मुहिम व रसिया वर्ड प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग करते सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों में चन्द्रप्रकाश शर्मा, राजेश दुआ, संजय बंसल, राजेश खुराना, रविश अग्रवाल, कुंवर सिंह, रणजीत रावत, दीपक सूरी, भूपेंद्र राजपूत, ओमप्रकाश भाटिया, रोहित सेठी, राजू बिहारी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।



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