हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद ब्यूरो) लकसर। लकसर नगर व देहात क्षेत्रो में मिलावटी दूध की बिक्री इन दोनों काफी जोरों पर फलफूल रही है लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस मामले में अभी तक चुप्पी साधे बैठा हुआ है या यूं कहें कि स्वास्थ्य विभाग और जिम्मेदार आला अधिकारी किसी बड़ी अनहोनी की फिराक में अभी तक हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं ईद के बड़े त्यौहार के मद्देनजर दूध की बढ़ी मांग के बाद गोवर्धनपुर, खानपुर, सुल्तानपुर, रायसी आदि आस पास के इलाको में मिलावटी नकली दूध की बिक्री ने धड़ल्ले से जोर पकड़ लिया है। कैमिकल से बना मिलावटी दूध लक्सर व आसपास के बाजारों में मिठाइयों की दुकानों पर सिंथैटिक दूध की सप्लाई की चर्चा जोरों पर है। दूध व मावे के नाम पर लोगो को सफ़ेद जहर परोसा जा रहा हैं लेकिन सम्भन्धित विभाग या तो कुमकर्ण की नींद सोया हुआ हैं या सब कुछ जानकर अनजान बन कर अवैध उगाही में लगा हुआ है। मिलावटखोरी रोकने के लिए सरकार ने सख्त से सख्त कानून तो बनाया लेकिन कुछ दिन अभियान चलाया कर अभियान बन्द हो गया। मिलावट खोरी बन्द होने के बजाय और जोरो पर चलने लगा। इससे यह साबित होता हैं कि कानून का सिकंजा मिलावट खोरो के शिकंजे से छोटा हैं। जिससे उन लोगो के अन्दर डर नाम की कोई चीज नही रही हैं त्योहार व शादियों की आहट होते ही मिलावट खोरो के हौसले बुलन्द हो जाते हैं। सूत्रों की माने तो ईद के त्यौहार के मध्यनजर इन दिनों यूपी के बिजनौर और आसपास से हजारों लीटर सिंथेटिक दूध व मावा लक्सर से लेकर हरिद्वार तक ले जाया जा रहा है इन दूध माफियाओं ने सफेद जहर बेचने के लिए हाईवे का रास्ता छोड़ कर नया रास्ता अपना लिया है यह दूध कारोबारी अपने सभी वाहनो को खानपुर बॉर्डर के बालावाली चौकी से होकर गुजरते हैं। सूत्रों की माने तो इस सिंथेटिक दूध को बॉर्डर से गुजारने के लिए बॉर्डर पर नजराना भी पेश करते है। इन अनगिनत दूधियाओ में कोई ऐसा दूधिया नही हैं जो कि प्योर शुद्ध दूध लाता हो, सब एक से बढकर एक मिलावटी दूध की बिक्री करके बैरंग लौट जाते हैं। यहा तक कि प्रसाशनिक अधिकारी कर्मचारियो को भी मिलावटी दूध देकर जाते हैं। यदि किसी ने कहा तो तुरन्त बिना किसी डर दबाव के वह कहते हैं कि पिछला हिसाब मेरा अभी कर दो और कल से किसी और से दूध ले लेना, ऐसी हालत में मिलावट खोरीे के बिना दूध का मिलना मुश्किल होता हैं हालतों से मजबूरी में समझौता करना ही पडता हैं कभी कभी तो देखा गया कि रास्ते में पड़ने वाली नहरो व नलो में भी दुधिया लोग अपनी साईकिल खड़ी करके पानी मिलाते देखे गये हैं यानी दूध में पानी नही पानी में सफेद केमिकल मिलाकर ग्राहको को जमकर सफेद जहर परोसा जा रहा है। सूत्रो की माने तो अधिकारी त्यौहार पर इधर उधर छापा मारकर वाह वाही लूटने का काम करते हैं लेकिन इन दिनों लक्सर में दूध के नाम पर बिक रहा सफेद जहर किसी अधिकारी को दिखाई नहीं दे रहा है। या यूं कहें कि डबल इंजन सरकार के दौर में जिम्मेदार विभाग के मुलाजिम ही ऐसे मिलावटखोरों को संरक्षण देने मे लगे हुऐ हैं। जिस कारण मिलावट खोर जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर भयंकर बीमारी के मुंंह में ले जा रहेे हैं।



Post A Comment:
0 comments so far,add yours