हरिद्वार की गूंज (24*7)
(शिवाकान्त पाठक) हरिद्वार। पौड़ी जिले के गहड़ गॉव में छात्रा को जिंदा जला देने घटना मानव समाज के लिए शर्म व दुखद है इस प्रकार की घटनायें मानवता को शर्मसार करने वाली होती है वह छात्रा कौन थी क्या जाति थी उसकी या कौन सा धर्म था इस प्रकार की सोच रखना भी संकुचित विचारधारा का प्रमाण होती है, वह बेटी थी वह बहिन थी नारी जाति की थी मानव धर्म से संबंधित थी यह सोच सदैव रखना चाहिए, आगरा में भी एक छात्रा के साथ हुई घटना बेहद शर्मसार करने वाली है सम्पूर्ण मानव जाति को इसका विरोध करने के लिए आगे आना चाहिए अबलाओं पर जब जब अत्याचार हुये हैं तब तब रामायण या महाभारत का उदय हुआ है इस प्रकार की घटनायें लचर कानून व्यवस्था का प्रमाण देती हैं माननीय मुख्यमंत्री जी ऐसी दिल दहलाने वाली घटनाओं को गंभीरता से लेते हुये प्रदेश की कानून व्यवस्था को चुस्त दुरूस्त रखने हेतु समुचित उपाय करें तो नारियों की सुरक्षा संम्भव हो सकती है, जिन अराजक तत्वों व्दारा यह हृदयविदारक घटना की गई हो उन्हे अतिशीघ्र फांसी होना चाहिए यही उनकी की कायराना हरकत की सजा होनी चाहिए।
(शिवाकान्त पाठक) हरिद्वार। पौड़ी जिले के गहड़ गॉव में छात्रा को जिंदा जला देने घटना मानव समाज के लिए शर्म व दुखद है इस प्रकार की घटनायें मानवता को शर्मसार करने वाली होती है वह छात्रा कौन थी क्या जाति थी उसकी या कौन सा धर्म था इस प्रकार की सोच रखना भी संकुचित विचारधारा का प्रमाण होती है, वह बेटी थी वह बहिन थी नारी जाति की थी मानव धर्म से संबंधित थी यह सोच सदैव रखना चाहिए, आगरा में भी एक छात्रा के साथ हुई घटना बेहद शर्मसार करने वाली है सम्पूर्ण मानव जाति को इसका विरोध करने के लिए आगे आना चाहिए अबलाओं पर जब जब अत्याचार हुये हैं तब तब रामायण या महाभारत का उदय हुआ है इस प्रकार की घटनायें लचर कानून व्यवस्था का प्रमाण देती हैं माननीय मुख्यमंत्री जी ऐसी दिल दहलाने वाली घटनाओं को गंभीरता से लेते हुये प्रदेश की कानून व्यवस्था को चुस्त दुरूस्त रखने हेतु समुचित उपाय करें तो नारियों की सुरक्षा संम्भव हो सकती है, जिन अराजक तत्वों व्दारा यह हृदयविदारक घटना की गई हो उन्हे अतिशीघ्र फांसी होना चाहिए यही उनकी की कायराना हरकत की सजा होनी चाहिए।



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