हरिद्वार की गूंज (24*7)

(गगन शर्मा) हरिद्वार। जहाँ एक ओर 'विश्व टॉयलेट दिवस' मनाया जा रहा है तो वही दूसरी ओर तीर्थ नगरी हरिद्वार के ऐसे कई क्षेत्र ऐसे हैं जहाँ पिछले काफी समय से जनता के लिये शौचालयो की कोई व्यवस्था नही है। हरिद्वार की गूंज समाचार पत्र की ओर से शहरी विकास मंत्री, जिलाधिकारी, मेयर मनोज गर्ग, आदि के संज्ञान में मामला डालने के बावजूद अभी तक रानीपुर मोड़ "चन्द्राचार्य चौक पर ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मीयो को खुले में बिजली के ट्रांसफार्मर पर शू-शू करने को विवश हैं। कहने को यह क्षेत्र हरिद्वार का दिल है, मगर सुविधाओं के नाम पर यहाँ न तो पार्किंग की समुचित व्यवस्था न ही यातायात संचालन हेतु ट्रैफिक लाइट ही है। टॉयलेट दिवस पर यदि बीएचईएल की बात करे तो जो बी एच ई एल श्यामपुर, हर की पौड़ी, ऋषिकुल जैसे विभिन्न क्षेत्रों में जनहित को शौचालय बनाते है वही बी एच ई एल दिए तले अंधेरे की कहावत को सिद्ध करती दिखाई देती है। इनके क्षेत्र में जहाँ 2-2 जगह बड़े स्तर के पैठ बाजार लगते हैं वहाँ हजारो की संख्या में आने वाले महिलाओं पुरुषों के लिय कोई भी शौचालय की व्यवस्था नही पायी जाती है। जिस ओर भेल प्रशासन या हरिद्वार के मंत्री कोई ठोस कदम उठाना जरूरी नही समझते। जो कि बेहद निंदनीय है। हालांकि कटारपुर गाँव में विश्व टॉयलेट दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में आये मुख्य विकास अधिकारी विनीत तोमर ने हरिद्वार की गूंज के माध्यम से जनता को आश्वासन दिया कि जल्दी ही नगर निगम के द्वारा रानीपुर मोड़ चंद्राचार्य चौक पर शौचालय की व्यवस्था की जायेगी।
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