हरिद्वार की गूंज
(रजत चौहान) हरिद्वार। धर्म नगरी हरिद्वार मे रोजाना वी०आई०पी० लोगो का आना जाना लगा रहता है, क्योकि हरिद्वार विश्व प्रसिद्ध धर्म नगरी है, और हिन्दु समाज की आस्था केन्द्र भी है, इसलिए यहाँ रोजाना वी०वी०आई०पी०, वी०आई० पी० का आना जाना लगा रहता है, लेकिन इन सबके बीच वी०आई०पी० के आगमन पर हरिद्वार मे सडको के गड्ढे आदि भरना के काम किया जाता है, रातो रात दिनो दिन सडके बना दी जाती है, रास्तो मे चलने वाले आम लोगो के रास्ते बंद कर दिये जाते है, अफसरो को इधर से उधर दौडाया जाता है, वी० आई०पी० लोगो के लिए हर तरह की सुविधा मुहैय्या कराई जाती है, तो समाज के आम लोगो की साथ ये अन्याय क्यो किया जाता है, क्या समाज मे रहने वाले आम लोगो का मन अच्छी सडको पर चलने को नही करता है, जो आज वी०आई०पी० बनकर समाज का समय बरबाद कर रहे है, उसी समाज के आम लोगो ने उनको यहाँ तक पहुँचाया है, तो बताये सुविधाएं ज्यादा किसे मिलनी चाहिए, आम लोगो को या वी०आई०पी० लोगो, लेकिन हमारे देश की विडम्बना है। यह है, कि आम जनता के लोट लेकर सुविधाओ का फायदा वी०आई०पी० उठायेगे, और गर्मी कडी धूप, कडाके की सर्दी मे लाईनो मे खडे होकर नेताओ को कुर्सी पर बैठाने वाले आमलोग परेशानिये झेलेगे, ये कहाँ का इंसाफ है, आप ही बताओ वी०आई०पी० लोगो।
(रजत चौहान) हरिद्वार। धर्म नगरी हरिद्वार मे रोजाना वी०आई०पी० लोगो का आना जाना लगा रहता है, क्योकि हरिद्वार विश्व प्रसिद्ध धर्म नगरी है, और हिन्दु समाज की आस्था केन्द्र भी है, इसलिए यहाँ रोजाना वी०वी०आई०पी०, वी०आई० पी० का आना जाना लगा रहता है, लेकिन इन सबके बीच वी०आई०पी० के आगमन पर हरिद्वार मे सडको के गड्ढे आदि भरना के काम किया जाता है, रातो रात दिनो दिन सडके बना दी जाती है, रास्तो मे चलने वाले आम लोगो के रास्ते बंद कर दिये जाते है, अफसरो को इधर से उधर दौडाया जाता है, वी० आई०पी० लोगो के लिए हर तरह की सुविधा मुहैय्या कराई जाती है, तो समाज के आम लोगो की साथ ये अन्याय क्यो किया जाता है, क्या समाज मे रहने वाले आम लोगो का मन अच्छी सडको पर चलने को नही करता है, जो आज वी०आई०पी० बनकर समाज का समय बरबाद कर रहे है, उसी समाज के आम लोगो ने उनको यहाँ तक पहुँचाया है, तो बताये सुविधाएं ज्यादा किसे मिलनी चाहिए, आम लोगो को या वी०आई०पी० लोगो, लेकिन हमारे देश की विडम्बना है। यह है, कि आम जनता के लोट लेकर सुविधाओ का फायदा वी०आई०पी० उठायेगे, और गर्मी कडी धूप, कडाके की सर्दी मे लाईनो मे खडे होकर नेताओ को कुर्सी पर बैठाने वाले आमलोग परेशानिये झेलेगे, ये कहाँ का इंसाफ है, आप ही बताओ वी०आई०पी० लोगो।



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