हरिद्वार की गूंज
(रजत चौहान) हरिद्वार। माननीय मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तथा उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हरिद्वार में 41 करोड़ की लागत से बनने वाले सौ कक्षों के पयर्टक आवास गृह का शिलान्यास किया। यूपी के मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अलकनंदा के निकट बनने वाले यूपी आवास गृह का नाम भागीरथी रखा जायेगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शिलान्यस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि हरिद्वार आने पर वह उनका हार्दिक अभिनन्दन करते हैं। योगी जी की लोकप्रियता आज हरकी पैड़ी पर गंगा आरती और पूजन के समय देखने को मिली। हरिद्वार आगमन पर पयट्रकों ने उन्हें अपने बीच पाकर योगी-योगी के नारे लगाये। हिन्दुत्व को बड़ी अपेक्षाऐं हैं। योगी सरकार में उत्तर प्रदेश गुंडाराज से मुक्त हो रहा है, जिसके लिए वहां का पुलिस प्रशासन भी बधाई का पात्र है। उत्तराखण्ड एवं उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार बनते ही परिसम्पत्ति विवाद में सकारात्मक पहल हुई। इससे पहले 2008 में निर्णय हुआ था कि होटल अलकनंदा उत्तराखण्ड को दिया जायेगा लेकिन राजनीतिक कारणों के चलते तत्कालीन सरकारों ने ऐसा नहीं किया। अब दोनों प्रदेश अपने शेष विवादों को भी ठीक वैसे ही सुलझायेगी जैसे परिवार में भाई-भाई निर्णय कर अपने परिवार को सम्भालते हैं। अवस्थापना विकास दोनों का प्रमुख लक्ष्य है। श्री रावत ने इको सिस्टम और पानी की कमी के कारण हो रही विकट जटिलताओं को रोकने व सुरक्षित भविष्य बनाने की दिशा में आपसी सहयोग से जल संरक्षण की दिशा में योजनाएं बनाये जाने की आवश्यकता जतायी। उन्होंने कहा कि वर्षा जल संरक्षण कर देश में पानी की किल्लत को दूर करेंगे। यूपी और उत्तरखण्ड मिलकर तालाबों का निर्माण और वर्षा जल व नदी जल संरक्षण का कार्य करेंगे। जल सम्पदा से सम्पन्न उत्तराखण्ड इस लक्ष्य को प्राप्त करने में पूर्ण सामथ्र्यवान है। यूपी सीएम श्री योगी ने अपने सम्बोधन में कहा कि जिस प्रकार भागीरथी और अलकनंदा के संगम से गंगा जी बनती है वैसे ही यहां भी इन बनने वाल पयर्टक आवासों के संगम से देश भर से यहां आने वाले यात्रियों के मन में धर्म और संस्कृति की गंगा को प्रवाहित करेंगे। उन्होंने कहा कि इस बार उत्तर प्रदेश में होने वाला कुंभ अभी तक हुए सभी कुम्भों से भव्य एवं सुविधाओं से युक्त होगा। दोनो राज्य एक साथ बैठकर राज्यों के बीच शेष परिसम्पत्ति विवादों का निदान अगले दो माह में मिलकर करेंगे। दोनों राज्य मिलकर प्रधानमंत्री जी की संकल्पना ‘‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’’ को साकार करते हुए विवादों को समाप्त करेंगे। गंगा-जमुना की वजह से उत्तर भारत देश के सर्वाधिक उर्वरक क्षेत्र बनता है। अपने आध्यात्मिक प्रकाश के कारण उत्तराखण्ड का विशेष स्थान है। श्री त्रिवेंद्र सिंह के नेतृत्व में उत्तराखण्ड तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। इनके प्रयासों की वजह से एक बार पुनः चार धाम यात्रा को वृहद रूप मिल पाया है। नजदीकी राज्य होने के कारण यूपी के पर्यटक बड़ी संख्या में यहां आते हैं। यात्रा व्यवस्था को और अधिक सुखद व सुगम बनाने की कड़ी में नवीन पर्यटक आवास गृह का शिलान्यास सम्पन्न हुआ है। यूपी की प्रजा आज भी उत्तराखण्ड को अपने साथ जोड़कर चलना चाहती है। गंगोत्री से निकलकर बहने वाली मां गंगा का सर्वाधिक प्रवाह क्षेत्र यूपी में है, जिसके लिए उत्तर प्रदेश सदैव उत्तराखण्ड का आभारी है।
उन्होंने जल संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र रावत जी के प्रस्ताव पर अपनी पूर्ण सहमति जतायी। गंगा की निर्मलता अविरलता को बढ़ाने के लिए सभी आम जन की सहभागित को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि गंगा जी को गंदे नालों से मुक्त कर नमामि गंगे में अपना सहयोग देकर करेंगे अपने कर्तव्यों का पालन। श्री योगी ने सभी हरिद्वार वासियों को आगमी माघ मास में होने वाले कुम्भ पर्व के आयोजन में सभी को प्रयाग राज आने को आमंत्रित किया। शहरी विकास मंत्री मा0 मदन कौशिक ने कहा कि राज्य बनने के बाद से ऐसी परिस्थितियां बनी कि परिसम्पत्तियों का विवाद बढ़ता चला गया। लेकिन 2017 में यूपी और उत्तराखण्ड में भाजपा सरकार बनते ही दोनों मुख्यमंत्रियों ने इस विषय सराहनीय प्रयास किये गये हैं। कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि संत परोपकार की प्रतिमूर्ति होते हैं यह योगी जी ने सार्थक कर दिखाया है। उन्होंने बिना किसी भेदभाव के दोनों राज्यों की प्रजा की भावना का सम्मान करते हुए 17 साल के विवाद का पटाक्षेप होटल अलकनंदा उत्तरखण्ड सरकार को सौंप कर दिया। योगी जी ने यूपी से लेकर उत्तरखण्ड तक संत समाज की धर्म ध्वजा फहराया है। इसके आगे भी दोनो प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। हरिद्वार सांसद श्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि गंगा तट पहुंचने पर वह यूपी के सीएम का अभिनंदन करते हैं। उन्होंने कहा कि यह शिलान्यास कार्यक्रम एक ऐतिहासिक क्षण। यूपी को कर्म भूमि बनाने वाले योगी आज अपनी जन्मभूमि में यह कार्य कर रहे हैं। उन्होंनंे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश व उत्तरखण्ड एक भारत श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को साकार कर रहा हैं। दोनों प्रदेश तीर्थाटन/पर्यटन के क्षेत्र में सहयोगी बनकर सम्पूर्ण राष्ट्र को धार्मिक, आध्यात्मिक दृढ़ता प्रदान करेंगे। इस अवसर पर महन्त रामान्दाचार्य, महंत ज्ञानदास, तुलसीपीठ के महंत अर्जुन देव, महंत लखन गिरी, जिला महामंत्री भाजपा विकास तिवारी, नरेश शर्मा, अमन त्यागी, सुशांत पाल, सचिव पर्यटन विकास उत्तर प्रदेश अवनीश कुमार अवस्थी, जिलाधिकारी दीपक रावत, एसएसपी कृष्ण कुमार वीके आदि उपस्थित थे।
(रजत चौहान) हरिद्वार। माननीय मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तथा उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हरिद्वार में 41 करोड़ की लागत से बनने वाले सौ कक्षों के पयर्टक आवास गृह का शिलान्यास किया। यूपी के मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अलकनंदा के निकट बनने वाले यूपी आवास गृह का नाम भागीरथी रखा जायेगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शिलान्यस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि हरिद्वार आने पर वह उनका हार्दिक अभिनन्दन करते हैं। योगी जी की लोकप्रियता आज हरकी पैड़ी पर गंगा आरती और पूजन के समय देखने को मिली। हरिद्वार आगमन पर पयट्रकों ने उन्हें अपने बीच पाकर योगी-योगी के नारे लगाये। हिन्दुत्व को बड़ी अपेक्षाऐं हैं। योगी सरकार में उत्तर प्रदेश गुंडाराज से मुक्त हो रहा है, जिसके लिए वहां का पुलिस प्रशासन भी बधाई का पात्र है। उत्तराखण्ड एवं उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार बनते ही परिसम्पत्ति विवाद में सकारात्मक पहल हुई। इससे पहले 2008 में निर्णय हुआ था कि होटल अलकनंदा उत्तराखण्ड को दिया जायेगा लेकिन राजनीतिक कारणों के चलते तत्कालीन सरकारों ने ऐसा नहीं किया। अब दोनों प्रदेश अपने शेष विवादों को भी ठीक वैसे ही सुलझायेगी जैसे परिवार में भाई-भाई निर्णय कर अपने परिवार को सम्भालते हैं। अवस्थापना विकास दोनों का प्रमुख लक्ष्य है। श्री रावत ने इको सिस्टम और पानी की कमी के कारण हो रही विकट जटिलताओं को रोकने व सुरक्षित भविष्य बनाने की दिशा में आपसी सहयोग से जल संरक्षण की दिशा में योजनाएं बनाये जाने की आवश्यकता जतायी। उन्होंने कहा कि वर्षा जल संरक्षण कर देश में पानी की किल्लत को दूर करेंगे। यूपी और उत्तरखण्ड मिलकर तालाबों का निर्माण और वर्षा जल व नदी जल संरक्षण का कार्य करेंगे। जल सम्पदा से सम्पन्न उत्तराखण्ड इस लक्ष्य को प्राप्त करने में पूर्ण सामथ्र्यवान है। यूपी सीएम श्री योगी ने अपने सम्बोधन में कहा कि जिस प्रकार भागीरथी और अलकनंदा के संगम से गंगा जी बनती है वैसे ही यहां भी इन बनने वाल पयर्टक आवासों के संगम से देश भर से यहां आने वाले यात्रियों के मन में धर्म और संस्कृति की गंगा को प्रवाहित करेंगे। उन्होंने कहा कि इस बार उत्तर प्रदेश में होने वाला कुंभ अभी तक हुए सभी कुम्भों से भव्य एवं सुविधाओं से युक्त होगा। दोनो राज्य एक साथ बैठकर राज्यों के बीच शेष परिसम्पत्ति विवादों का निदान अगले दो माह में मिलकर करेंगे। दोनों राज्य मिलकर प्रधानमंत्री जी की संकल्पना ‘‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’’ को साकार करते हुए विवादों को समाप्त करेंगे। गंगा-जमुना की वजह से उत्तर भारत देश के सर्वाधिक उर्वरक क्षेत्र बनता है। अपने आध्यात्मिक प्रकाश के कारण उत्तराखण्ड का विशेष स्थान है। श्री त्रिवेंद्र सिंह के नेतृत्व में उत्तराखण्ड तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। इनके प्रयासों की वजह से एक बार पुनः चार धाम यात्रा को वृहद रूप मिल पाया है। नजदीकी राज्य होने के कारण यूपी के पर्यटक बड़ी संख्या में यहां आते हैं। यात्रा व्यवस्था को और अधिक सुखद व सुगम बनाने की कड़ी में नवीन पर्यटक आवास गृह का शिलान्यास सम्पन्न हुआ है। यूपी की प्रजा आज भी उत्तराखण्ड को अपने साथ जोड़कर चलना चाहती है। गंगोत्री से निकलकर बहने वाली मां गंगा का सर्वाधिक प्रवाह क्षेत्र यूपी में है, जिसके लिए उत्तर प्रदेश सदैव उत्तराखण्ड का आभारी है।
उन्होंने जल संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र रावत जी के प्रस्ताव पर अपनी पूर्ण सहमति जतायी। गंगा की निर्मलता अविरलता को बढ़ाने के लिए सभी आम जन की सहभागित को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि गंगा जी को गंदे नालों से मुक्त कर नमामि गंगे में अपना सहयोग देकर करेंगे अपने कर्तव्यों का पालन। श्री योगी ने सभी हरिद्वार वासियों को आगमी माघ मास में होने वाले कुम्भ पर्व के आयोजन में सभी को प्रयाग राज आने को आमंत्रित किया। शहरी विकास मंत्री मा0 मदन कौशिक ने कहा कि राज्य बनने के बाद से ऐसी परिस्थितियां बनी कि परिसम्पत्तियों का विवाद बढ़ता चला गया। लेकिन 2017 में यूपी और उत्तराखण्ड में भाजपा सरकार बनते ही दोनों मुख्यमंत्रियों ने इस विषय सराहनीय प्रयास किये गये हैं। कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि संत परोपकार की प्रतिमूर्ति होते हैं यह योगी जी ने सार्थक कर दिखाया है। उन्होंने बिना किसी भेदभाव के दोनों राज्यों की प्रजा की भावना का सम्मान करते हुए 17 साल के विवाद का पटाक्षेप होटल अलकनंदा उत्तरखण्ड सरकार को सौंप कर दिया। योगी जी ने यूपी से लेकर उत्तरखण्ड तक संत समाज की धर्म ध्वजा फहराया है। इसके आगे भी दोनो प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। हरिद्वार सांसद श्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि गंगा तट पहुंचने पर वह यूपी के सीएम का अभिनंदन करते हैं। उन्होंने कहा कि यह शिलान्यास कार्यक्रम एक ऐतिहासिक क्षण। यूपी को कर्म भूमि बनाने वाले योगी आज अपनी जन्मभूमि में यह कार्य कर रहे हैं। उन्होंनंे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश व उत्तरखण्ड एक भारत श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को साकार कर रहा हैं। दोनों प्रदेश तीर्थाटन/पर्यटन के क्षेत्र में सहयोगी बनकर सम्पूर्ण राष्ट्र को धार्मिक, आध्यात्मिक दृढ़ता प्रदान करेंगे। इस अवसर पर महन्त रामान्दाचार्य, महंत ज्ञानदास, तुलसीपीठ के महंत अर्जुन देव, महंत लखन गिरी, जिला महामंत्री भाजपा विकास तिवारी, नरेश शर्मा, अमन त्यागी, सुशांत पाल, सचिव पर्यटन विकास उत्तर प्रदेश अवनीश कुमार अवस्थी, जिलाधिकारी दीपक रावत, एसएसपी कृष्ण कुमार वीके आदि उपस्थित थे।



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