हरिद्वार की गूंज (24*7)

(फिरोज अहमद) लक्सर। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों की हुई मौत का विरोध हरिद्वार के लक्सर में भी देखने को मिला जहां कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने कस्बे सुल्तानपुर और लक्सर में भाजपा सरकार के पुतले दहन किए साथ ही कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने सैकड़ों की संख्या में अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव अनुपमा रावत के नेतृत्व में काली पट्टी बांधकर मौन जुलूस भी निकाला इस दौरान लक्सर पुलिस ने कई जगहो पर उन्हें रोकने की कोशिश भी की मगर अनुपमा रावत के साथ सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने रुकने का नाम नहीं लिया और अपनी गिरफ्तारी को लेकर लक्सर कोतवाली में धरने पर बैठ गए जहां उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। 
वही इस दौरान कांग्रेसी नेता मास्टर कुशल पाल सैनी ने कहा लखीमपुर खीरी में गृह मंत्री के बेटे ने किसानों के ऊपर गाड़ी चला कर उनकी हत्या कर दी यह बहुत निंदनीय कृत्य है और गृहमंत्री अपने बेटे को बचाने के लिए उल्टा ही किसानों पर आरोप लगा रहे हैं जिसकी हम घोर निंदा करते हैं साथ ही उन्होंने नेताओं को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने पर कहा पुलिस द्वारा उन्हे असविधानिक तरीके से गिरफ्तार किया जा रहा है जिनकी हम रिहाई की मांग करते है जबकि उनका पूरा अधिकार है वहां जाने का, उन्होंने कहा आज यहा जो मौन जुलूस निकाला गया है वह उन मृतक किसानों के लिए एक तरह से श्रद्धांजलि है उन्होंने कहा हम यही मांग करते हैं कि जो उसमें दोषी मंत्री का बेटा व उसके साथी हैं।
जिन्होंने किसानों की निर्मल हत्या की है उनको तुरंत गिरफ्तार किया जाए और ऐसे हठधर्मिता वाली योगी सरकार को तत्काल बर्खास्त किया जाए साथ ही वहा राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए। वही कांग्रेस की महिला राष्ट्रीय महासचिव अनुपमा रावत ने कहा कि कल जो पूरे देश ने देखा वह एक काला दिवस है हमारे देश के इतिहास में बहुत ही शर्मनाक घटना है वहा खुला नरसंहार देखा, उन्होंने कहा कि एक तरफ तो हम किसानों को अन्नदाता कहते हैं लेकिन आज यहीं पर भाजपा सरकार के गृहमंत्री के परिवार का यह कृत्य सामने आया है जिसमें साफ तौर पर देखा गया है कि हमारे किसान भाइयों को जो कि शांति पूर्वक अपना प्रदर्शन कर रहे थे उनके ऊपर गाड़ी चलाकर उन को मौत के घाट उतार दिया गया, यह किस सिद्धांत पर चल रहे हैं। उन्होंने कहा यह हमारा देश हमेशा से बापू के सिद्धांतों पर चला आया है हमने हिंसा की लड़ाई लड़ी है।
 और आज वहीं पर जहां पर जो देश किसानों का है, मजदूरों का है महिलाओं और युवाओं का है क्या भाजपा सरकार यह परपाठी दे रही है कि आपके साथ अगर कुछ गलत होता है और आप उसके खिलाफ आवाज उठाते हैं तो वह तुम्हें गाड़ी से कुचल देंगे। उन्होंने कहा कि संविधान ने हमें ऐसी कोई छूट नहीं दी और ये हमारे मौलिक अधिकार हैं हर व्यक्ति मौलिक अधिकार में शामिल है कोई भी व्यक्ति अपने अधिकार के लिए आवाज उठा सकता है। वही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उमादत्तत शर्मा ने कहा कि जब तक किसानों के साथ अत्याचार होता रहेगा हमारा संघर्ष जारी रहेगा उन्होंने कहा भारत मे किसानों को अन्नदाता कहा जाता है इसलिए पूूरा हिंदुस्तान किसानों का सम्मान चाहता है।

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