हरिद्वार की गूंज (24*7)
 |
|
(राव ज़ुबैर पुंडीर उत्तर प्रदेश प्रभारी) बागपत। चंद्रप्रभ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र मंदिर बरनावा में इकतालीस दिनों से चल रहे भगवान शांतिनाथ विधान का समापन हो गया। समापन अवसर पर भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। सम्मान समारोह में कार्यक्रम में आये अतिथियों और विधान को पूर्ण कराने में सहयोग करने वाले भक्तों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आयोजित वार्षिक रथयात्रा महोत्सव को बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा राज्य के विभिन्न जनपदों से आये हजारों श्रद्धालुओं ने मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों और रथयात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लिया। जैन एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश कुमार जैन ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और जैन धर्म को विश्व का सबसे महान धर्म बताते हुए जैन समाज को एकजुट रहने और सभी सक्षम जैन समाज के लोगों से कमजोर जैनियों की मद्द करने को कहा और उनको समाज में एक सम्मानित स्थिति में लाने का आहवान किया। सतीश कुमार जैन ने कहा कि उनका संगठन और वे खुद 24 घंटे जैन धर्म और जैन समाज के हित मे खड़े है। रथयात्रा में सौधर्म के लिये जगजीवन प्रसाद प्रदीप कुमार जैन बुढ़ाना वाले, सारथी के लिये रजनीश कुमार राजीव कुमार जैन मोदीनगर पैट्रोलपम्प वाले, कुबेर इन्द्र के लिये प्रेमचन्द जैन प्रवीन कुमार जैन बरनावा सरधना वाले, ईशान इन्द्र के लिये जितेन्द्र कुमार जैन अरूण कुमार जैन कैलाश नगर दिल्ली वाले और महेन्द्र इन्द्र के लिये विनेश कुमार अशोक कुमार जैन हर्रा सरधना वालों को चुना गया। तूलिका 105 श्री अक्षतमति माताजी के पावन सानिध्य और ब्रहमचारी प्रदीप पीयूष शास्त्री के निर्देशन में रथयात्रा बड़े ही हर्षोल्लास व धूमधाम के साथ निकाली गयी। मंदिर समिति के अध्यक्ष जीवंधर कुमार जैन ने कार्यक्रम में आये सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर केनरा बैंक के क्षेत्रीय प्रबन्धक राजीव कुमार जैन, जैन एकता मंच के संरक्षक अमित जैन टटीरी, अतिशय क्षेत्र के महामंत्री पंकज जैन, संदीप जैन, जैन एकता मंच के कोषाध्यक्ष मनीष जैन, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार विपुल जैन, जैन जागरण मंच बागपत के अध्यक्ष मयंक मित्तल, युवा समाजसेवी संजीव जैन उर्फ चिंटू बागपत, युवा समाजसेवी कमल जैन बागपत सहित सैंकड़ो की संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे।
Post A Comment:
0 comments so far,add yours