हरिद्वार की गूंज (24*7)
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(गगन शर्मा) हरिद्वार। भारतीय मजदूर संघ उत्तराखंड के प्रदेश मंत्री सुमित सिंघल ने कहा कि कोरोना महामारी के लगातार फैलने के बाद औद्योगिक गतिविधियों में गिरावट बढ़ती हुई बेरोजगारी व वेतन कटौती के साथ-साथ अब आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से सामान्य जन को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। उपभोक्ता महंगाई आम जनता के साथ-साथ श्रमिकों कर्मचारियों को विशेष तौर पर प्रभावित कर रही है। खाद्य पदार्थों एवं दवाइयों के मूल्य में तीव्र वृद्धि ने जनता एवं श्रमिकों कर्मचारियों का जीवन कठिन बना दिया है। अंतरराष्ट्रीय मूल्य में बढ़ोतरी के नाम पर देश में खाद्य तेलों की कीमतें बढ़ाई जा रही हैं । सरकार को यह अनचाही आयातित महंगाई पर नियंत्रण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विगत 18 माह से महंगाई दर 6% की सीमा पार कर चुकी है जबकि पिछले 5 वर्षों में महंगाई दर 3 से 5% के बीच रही। देश में भवन निर्माण का कार्य महंगा होता जा रहा है। प्रदेश मंत्री सुमित सिंघल ने कहा कि उत्पादन कर्ता द्वारा प्रत्येक वस्तु की लागत मूल्य की घोषणा को अनिवार्य करने का कानून बनाकर इसे लागू किया जाए, ताकि आवश्यक वस्तुओं एवं पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी पर सरकार नियंत्रण रखें और पेट्रोलियम पदार्थों के प्रति दिन कीमत निर्धारण पद्धति का समापन कर पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए। उन्होंने कहा कि आज सरकार आर्थिक संसाधन में संपन्न होने के लिए देश की संपत्ति को बेच रही है इसका बीएमएस विरोध करता है। पब्लिक सेक्टर बचेगा तभी देश की आर्थिक गतिविधि चल सकेगी देश को सही दिशा मिलेगी लेकिन केंद्र की मौजूदा सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। भारतीय मजदूर संघ के जिला सह मंत्री चंद्रशेखर चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अति आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 (1) में से खाद्य तेल तिलहन, दलहन, प्याज और आलू को मुक्त कर दिया गया है। जिसे तत्काल वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्रों एवं निजी क्षेत्रों दोनों के श्रमिक कर्मचारियों के वेतन बढ़ाकर महंगाई की क्षति पूर्ति हेतु सरकार को कदम उठाना चाहिए।
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स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों को अभी से इसका विरोध नहीं किया गया तो आने वाले समय में कोई भी सरकारी संस्थान नहीं बचेगी। प्राइवेट व निजी मालिकों के हाथों में बेच दिया जाएगा। सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। भारतीय मजदूर संघ इसका विरोध ही नहीं करता है बल्कि आंदोलन के लिए भी तैयार है। धरना प्रदर्शन के उपरांत भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री एवं माननीय मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में उपस्थित बीएचईएल महासंघ से अतुल राय, आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ से पुनमदेवी, स्नेहलता, भेल हिप से उपाध्यक्ष अतुल राय, उपमहामंत्री चन्द्रशेखर चौहान, एसकेएफ मजदूर संघ से ललित पुरोहित, राजेन्द्र कापड़ी, नरेंद्र मेहता, उत्तरांचल परिवहन से राहुल वर्मा, दीपक कपडवाल, असंगठित क्षेत्र से विनेश कुमार, अवनीश शुक्ला, मांगेराम, विपिन कुमार चौहान, प्रेमपाल सिंह, नरेंद्र कुमार आर्य, संजय शर्मा, किशन सिंह रावत, अवनीश चौहान, अवनीश शुक्ला, निक्की वर्मा, उमेश कुमार, गौरव कुमार, अमित ठाकुर, अश्वनी चौहान, राहुल कुमार, आदि भारी संख्या में कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में मौजूद रहे।
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