हरिद्वार की गूंज (24*7)

(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। झबरेड़ा क्षेत्र के सुसाडा गांव में विधायक निधि से प्रेस की रोड को रातो रात घटिया सामग्री और बिना सफाई के बना दी गई है। जिससे बने हुए 1 दिन भी नहीं हुआ और रोड में जगह-जगह पैच भरने का काम ठेकेदार द्वारा शुरू कर दिया गया है। जिससे करोड़ों की लागत से बनाई जा रही रोड को लेकर क्षेत्रीय ग्रामीणों का झबरेड़ा विधायक और पीडब्ल्यूडी विभाग के विरुद्ध आक्रोश बढ़ गया है आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि सालो से बार बार जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटने के बाद यह रोड बनी है किंतु पीडब्लयूडी के अधिकारी और ठेकेदार इस रोड को बनाने में महज खानापूर्ति की जा रही हैं। वहीं ठेकेदार मीडिया के सवालों के जवाबों से बचते नजर आए, तो रुड़की पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार ने बताया कि ठेकेदार ने गलती से ठंडे तारकोल वाली बजरी वहां डाल दी थी इसमें ठेकेदार का कोई दोष नही कहने पर अपने ठेकेदार को साफतौर पर बचाते नज़र आए है। हालांकि झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल का कहना है कि क्षेत्रीय ग्रामीण जल्द से जल्द रोड बनाने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने ठेकेदार से कहा तो ठेकेदार ने बारिश के मौसम में ही रोड को बना दिया है। जबकि बरसात के मौसम में कोई भी तारकोल की सड़क (पिसी) नही बनाई जा सकती है। अब सवाल यह उठता है कि रात को ही इस रोड को क्यों बनाया गया है। जो 1 दिन भी नहीं टिक पाई है। करोड़ों की लागत से बनाई जा रही इस रोड का जिम्मेदार कौन है। आपको बता दें कि पीडब्ल्यूडी विभाग का यह कारनामा पहला नहीं है इससे पहले भी इनके विभाग द्वारा बनाई गई सड़कें आदि निर्माण कार्यों में धांधली और घटिया सामग्री के बड़े आरोप लग चुके हैं। इनके द्वारा बनाई जाने वाली सड़कें 6 महीने भी नहीं टिक पाती है वह जगह जगह से टूटनी, उखड़नी शुरू हो जाती है। क्योंकि जनपद के लक्सर, रुड़की, हरिद्वार तीनों डिवीजन भ्रष्टाचारी के अड्डे बन चुके हैं। कार्य में 40, 45 परसेंट कमीशन खोरी ठेकेदार से पहले ही ले ली जाती है। जिसमें प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत होती है। बची कसर ठेकेदार घटिया सामग्री और मानको का उल्लंघन कर कार्य को पूरा करके निभाते हैं। जिसमें सरकारी जिम्मेदार इंजीनियर की भागीदारी भी अहम होती है। अपने ठेकेदार द्वारा घटिया सामग्री और मानकों के विरुद्ध किए गए कार्य को इंजीनियर पास कर देता है। फल स्वरूप पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा किए गए कार्य 6 महीने भी नहीं टिक पाते हैं। और प्रधानमंत्री के भ्रष्टाचार मुक्त देश के सपने को सरकारी विभाग के अधिकारी ही धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं। ऐसी भ्रष्टाचार विभागों पर सरकार का कोई लगाम नहीं है। क्योंकि कहीं ना कहीं इस भ्रष्टाचारी में सरकार के प्रतिनिधि भी लिफ्ट है जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

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