हरिद्वार की गूंज (24*7)
(यतेंद्र कुमार) हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में इन दिनों नगर निगम की लापरवाही चरम सीमा पर है। अभी कुछ समय पहले ही हरिद्वार में कुम्भ मेले का समापन हुआ है। जिससे चलते हरिद्वार में अनेकों प्रकार के निर्माण कार्य किये गये। जैसे सड़कों, पुलों की मरम्मत व दीवरों पर पेंटिंग आदि। साथ ही इस दौरान नगर निगम भी सफाई के मामले में एक्टिव मोड में दिखाई दिया। और शहर की सड़को से लेकर कॉलोनियों तक में सफाई अभियान चलाया। लेकिन कुम्भ बीतते ही नगर निगम ने अपनी पुरानी परंपरा अपना ली और शहर में जगह-जगह कूड़े के अम्बार लगने शुरू हो गए हैं। ऐसा ही एक नजारा आज रानीपुर मोड़ क्षेत्र की वीआईपी कहलाने वाली मॉडल कॉलोनी में देखने को मिला। जहाँ प्रेम नगर आश्रम से चंद कदमों की दूरी पर ही कूड़े का अंबार लगा हुआ है। जिससे वहां की आम जनता को डेंगू से पहले ही अनेकों बीमारियों से लड़ना पड़ सकता हैं। साथ ही वहाँ से गुजर रही सड़क भी इस ढेर की चपेट में आ रही हैं।
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जिससे पैदल चलने व वाहनों को चलने में कठिनाई महसूस हो रही हैं। अब एक तरफ जहां निगम इस समय आने वाले डेंगू के खतरों से बचने के लिए अनेकों तैयारियों में जुटा हुआ है। वहीं दूसरी तरफ शहर में कूड़े के ढेरों को बढ़ाने का कार्य भी कर रहा है। ऐसी स्थिति निगम की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लगाती हैं। और साथ ही शहर में बीमारियों को भी निमंत्रण दे रही हैं। अफसोस की बात तो ये है कि यह कूड़े का ढ़ेर मेन रोड से सटा हुआ है। जहाँ से आये दिन डी एम से लेकर बड़े बड़े नेताओं का आना जाना होता हैं। लेकिन वो ये सब देख कर भी अनदेखा कर देते हैं।क्योंकि ऐसे न जाने कितने ढ़ेर उन्हें दिखाई देते होंगे पर इन्हें झेलने की जिम्मेदारी सिर्फ आम जनता की है। किसी विभाग या अधिकारियों की नहीं।क्योंकि उनकी गाड़ियों पर तो पर्दे लगे होते हैं।
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