हरिद्वार की गूंज (24*7)

(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। जैसा कि आप सभी को ज्ञात है कि नशा कितना भयंकर वायरस है। इस नशा वायरस की चपेट मे इंसान दो तरह से आता है, एक तो वह इंसान जो नशे के पदार्थ बेचने का कारोबारी या तस्करी करने वाला और दूसरा इस भयंकर नशा वायरस का आदी यानी इस नशे का सेवन करने वाला नशा वायरस दोनो इंसानो के लिए अभिक्षाप है, नशा बेचने तस्करी करने वाला इंसान एक ना एक दिन जेल की यात्रा पर जाता है व नशे का सेवन करने वाला इंसान एक ना एक दिन अन्तिम यात्रा पर जाता है, तो बताओ दोनो इंसानो के लिए नशा वरदान हुआ या अभिक्षाप हुआ और तीसरी बात इसमे एक यह भी है इन दोनो इंसानो के कारण समाज मे गन्दगी फैल जाती है जिसके परिणाम हम युवा पीढी का भविष्य अंधकार की तरफ जाता हुआ नजर आता है, इसलिए नशे का कारोबार करने वाले व नशे का सेवन करने वाले व समाज मे रहने वाले लोगो को इस नशा वायरस से मुक्त रहने के लिए जागरूक रहने की आवश्यकता है। हरिद्वार नगरी व उपनगरी को लगातार नशा वायरस जकड़ता जा रहा है, पुलिस भी लगातार कार्यवाही कर रही है, लेकिन पूरी तरह नशा वायरस रूक नही पा रहा है  उसका कारण हम लोग ही है, हमारी अपनी कमजोरियो के कारण नशा वायरस फैल रहा है नशा वायरस फैलने के कारण देश का भविष्य युवा वर्ग लगातार इस नशा वायरस की चपेट मे आता जा रहा है। और ज्ञात हुआ है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद हरिद्वार ने तेजतर्रार पुलिस निरीक्षक अमरजीत सिंह को नारकोटिक्स विभाग का प्रभारी नियुक्त किया है, अमरजीत सिंह जी से हम अपेक्षा करते है कि आपने नशे की बडी बडी खेप पकडी व बडे बडे नशा तस्करी को जेल की यात्रा पर भेजा है, अब आप मुख्य तौर से नारकोटिक्स विभाग के प्रभारी बनाये गये है आपको प्रभारी बनाने मे भी कोई खास बात है जो आपको ही प्रभारी निरीक्षक नारकोटिक्स विभाग बनाया गया है। उम्मीद है कि आप उच्च अधिकारीगणो व नशा विरोधी कार्यकताओ के विश्वास पर खरा उतरेंगे। यह  उक्त विचार "हरिद्वार की गूंज" के वरिष्ठ पत्रकार मोहम्मद आरिफ को नवाब भारती समाजसेवी व नशा विरोधी कार्यकर्ता और एड०अब्दुल सत्तार सूचनाधिकार सामाजिक व नशा विरोधी कार्यकर्ता ने साझा किए हैं।

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