हरिद्वार की गूंज (24*7)

(अविनाश गुप्ता) हरिद्वार। आज समूचा राष्ट्र अन्तर्राष्ट्रीय ओलम्पिक दिवस के अवसर पर उन सम्मानित खिलाडियों के योगदान को याद कर रहा है जिन्होने देश-दुनिया मे खेलों के माध्यम से भारत का मान-सम्मान बढाया। यह दिन ओलम्पिक खेलों मे अधिक से अधिक लोगों के भाग लेने को प्रोत्साहित करता है तथा ओलम्पिक आन्दोलन को बढावा देने के लिए प्रत्येक वर्ष 23 जून को मनाया जाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ओलम्पिक दिवस के अवसर पर खिलाडियों को शुभकामनाएं देते हुए कहाॅ कि समूचा राष्ट्र अपने एथलीटस के योगदान पर गर्व करता है। इस उपलक्ष्य में गुरूकुल कांगडी समविश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग द्वारा 23 जून को अन्तर्राष्ट्रीय ओलम्पिक दिवस के अवसर पर कोविड की चुनौती में खेलों के आयोजन तथा विश्व-शान्ति की संकल्पना विषय पर वर्चुअल माध्यम से शारीरिक शिक्षा विद्वानों से चर्चा करते हुए संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। चर्चा में जे०वी० जैन कालेज, सहारनपुर के असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ० संदीप गुप्ता ने कहाॅ कि कोविड जैसी महामारी के कारण खेलों के आयोजन पर रोक के चलते खिलाडियों की शारीरिक कुशलता एवं स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पडा है। इम्युनिटी तथा शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए खेल आयोजन पर लगी रोक हटाना बेहद जरूरी है। आई०आई०टी रूडकी के स्पोटर्स आॅफिसर डाॅ० आलोक पाण्डेय ने संवाद कार्यक्रम मे कहाॅ कि दुनिया मे खेल से बेहतर औषधी नही हो सकती है। खेल शरीर को स्वस्थ्य तथा चुस्त, दिमाग को क्रियाशील, स्मरण शक्ति को बढाने तथा मन को प्रसन्न रखते हुए चिन्ता से दूर रखने का सशक्त माध्यम है। 

खेल मनोवैज्ञानिक डा० शिवकुमार चैहान ने जीवन मे शान्ति एवं सदभाव के लिए खेल तथा खेल भावना को जीवन का अभिन्न अंग बताया। ओलम्पिक दिवस 2021 का कथन वाक्य वर्क आउट के साथ स्वस्थ रहे, मजबूत रहे, सक्रिय रहे को उन्होने युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।

एस०डी काॅलेज मुजफ्फरनगर के शारीरिक शिक्षा विशेषज्ञ डा० एस०एन सिंह ने कहाॅ कि कोविड-काल मे खेल जगत की बडी हानि हुई है। देश की कई ऐसी खेल हस्तियाॅ जिन्होने अनेक खिलाडियों को तराशने का काम किया, कोरोना महामारी मे हमसे छीन गई है। उन्होने स्केलेटल मसलस से खिलाडी को मिलने वाली ऊर्जा केवल खेलों के माध्यम से ही प्राप्त हो सकती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए योग एवं शारीरिक शिक्षा संकाय के डीन प्रो० आर०के०एस डागर ने कहाॅ कि कोविड की चुनौती ने खिलाडी को आत्म निर्भरता के साथ भारतीय परिवेश से जुडी गतिविधियों तथा धरेलु सीमा मे खेले जाने वाले खेलों के महत्व से रू-ब-रू कराया है। संवाद कार्यक्रम मे डाॅ० अजय मलिक, डाॅ० कपिल मिश्रा, डाॅ० अनुज कुमार, सुनील कुमार आदि ने भी भाग लिया।

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