हरिद्वार की गूंज (24*7)

(गगन शर्मा) हरिद्वार। कोरोना काल मे जब गरीब मजदूरों को सिडकुल की एक कम्पनी में उनका वेतन नही दिया तो उनकी उम्मीद बने भारतीय मजदूर संघ के सुमित सिंघल। ये पहला मामला नहीं जब सुमित सिंघल ने किसी जरूरतमंद की संकट के समय मदद की हो। हुवा यू कि हरिद्वार के सिडकुल की एक कंपनी के 4 कर्मचारियों को जॉब से अचानक निकाल दिया। वेतन देने के नाम पर उनको आजकल करके लगातार लटकाया जा रहा था। ऐसे में उन्हें किसी ने सुमित सिंघल के बारे में बताया तो उन्होंने ठेकेदार द्वारा वेतन ना दिए जाने को लेकर सुमित को प्रार्थना पत्र दिया। जिसमे त्वरित कार्यवाही करते हुवे ठेकेदार से चारों कर्मचारीयो का वेतन दिलवाया गया। इस बारे में पीड़ित मुनीष ने बताया था कि उनकी दादी की तबीयत खराब है और वह लगातार अपने ठेकेदार और कंपनी में मैनेजमेंट से वेतन को लेकर मांग कर रहे हैं पर उन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा था और मुनीश का घर जाना अत्यंत आवश्यक था। जिस पर सुमित सिंघल ने कार्यवाही करते हुए कर्मचारी मुनीश के साथ-साथ अन्य तीन कर्मचारी सरिता देवी, प्रीति देवी एवं प्रियांशी देवी को भी वेतन दिला दिया। वेतन पाने के बाद सभी कर्मचारी बहुत खुश हैं और उन्होंने भारतीय मजदूर संघ का धन्यवाद ज्ञापित किया है। इस विषय मे भारतीय मजदूर संघ उत्तराखंड के प्रदेश मंत्री सुमित सिंघल ने बताया कि उनका संघटन किसी भी कामगार के साथ किसी भी तरह का शोषण बर्दाश्त नही करेगा।

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