हरिद्वार की गूंज (24*7)

(नीटू कुमार) हरिद्वार। योग एक ऐसी विधा है जिसे शिष्य अपने गुरु के चरणों में बैठकर सिखता है। योग का बाजारीकरण नहीं किया जा सकता है। योग में सभी बीमारियों का उपचार समाहित है यह उद्गार देश के जाने-माने योगाचार्य आचार्य कर्मवीर ने गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के योग विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित पूर्व स्नातकों के मिलन समारोह में आयोजित बतौर मुख्य अतिथि अपने सम्बोधन में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि योग एक गूढ़ विषय है इसकी आत्मा अध्यात्मिक आत्मा है। अतः बिना अध्यात्म से जुडे हम योग को नहीं जान सकते हैं। आचार्य कर्मवीर ने महर्षि पतंजलि के सिद्धान्तों को अपने जीवन में अपनाकर आरोग्य व आध्यात्मिक जीवन का मार्ग प्रशस्त होने का मार्ग बताया। उन्होंने कहा कि महर्षि पतंजलि के सिद्धान्तों में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। वर्तमान दौर में दुनिया में जारी हिंसा का समाधान व महर्षि पतंजलि की विचारधारा पर चलकर ही पाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से जीवन में नकारात्मक विचारो को छोड़कर सकारात्मक विचारों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्राणायाम के माध्यम से हम जीवन के नकारात्मक विचारों दूर कर सकते हैं। अपने अनुभव सांझा करते हुए आचार्य कर्मवीर ने कहा कि उन्होंने गुरुकुल में अपने आचार्यों के चरणों में योग में स्नातकोत्तर की शिक्षा ग्रहण की है। यहां पर आकर एक नई ऊर्जा का संचार मिलता हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० रूपकिशोर शास्त्री ने कहा कि देश-विदेश के विभिन्न क्षेत्रों में गुरुकुल के विद्यार्थी अपनी प्रतिभा का परचम फहरा रहे हैं। यह विश्वविद्यालय आप सभी स्नातकों का है तथा आप सभी इसके अपने हैं। गुरुकुल ने विभिन्न क्षेत्रों में विद्वान समाज को दिए हैं। योग के क्षेत्र में आचार्य कर्मवीर जैसे योग के साधक गुरुकुल से निकलकर विश्व में योग की पताका को फहरा रहे हैं। कुलसचिव प्रो० दिनेश चन्द्र भट्ट ने सभी पूर्व स्नातकों का स्वागत करते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपने जीवन में यम और नियम को साध लेता है, वह जीवन के हर क्षेत्र में आने वाली बाधा को सहजता से पार कर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। योग हमें कर्म करते हुए कौशल के साथ जीना सिखाता है। आप लोग यहां आपस में अपने अनुभव सांझा करते हुए वर्तमान विद्यार्थियों को अपने अनुभवों का लाभ देंगे। इस आयोजन के लिए विभाग बधाई व साधुवाद का पात्र है। आप सभी यहां से एक नई ऊर्जा के साथ पुनः अपने क्षेत्रों में जाकर और अधिक ऊर्जा से कार्य करेंगे। संकायाध्यक्ष प्रो० आर०के०एस डागर ने कहा कि योग विभाग द्वारा आयोजित इस आयोजन से सभी पूर्व स्नातकों को एक मंच पर एकत्रित होने का अवसर प्राप्त हुआ है। इसके लिए विभाग साधुवाद का पात्र है योग हमारी संस्कृति का हिस्सा है। उसे विश्व पटल पर स्थापित करने में आप सबका महत्वपूर्ण योगदान है। योग विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो० सुरेन्द्र कुमार त्यागी ने सभी आगन्तुकों का स्वागत किया। डा० राकेश गिरि ने उपस्थित अतिथियों व स्नातकों का आभार व्यक्त किया। पूर्व स्नातक डा० सुरेश वर्णवाल, डा० पवन कुमार, डा० किरण, डा० नवजयोति सिद्धु ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में प्रियंका उपाध्याय, कृष्णा दग्दी, रेशु चैहान, श्वेता शर्मा, मोनिका आनन्द व प्रगति ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में डा० योगेश्वर दत्त, डा० निष्कर्ष शर्मा, उदित, धर्मेन्द्र बिष्ट, मोहन, जितेन्द्र मोहन, अरूण जोशी एवं जोगेन्द्र इत्यादि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डा० ऊधम सिंह ने किया।

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