हरिद्वार की गूंज (24*7)
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(रजत चौहान) हरिद्वार। ब्रह्मलीन डॉ श्यामसुंदर शास्त्री महाराज जी का जन्म शताब्दी महोत्सव बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया। इस मौके पर उनकी याद में बनाये गए भवन का लोकार्पण भी किया गया। नवनिर्मित भवन का नाम श्यामसुंदर दास भवन रखा गया है। भवन के लोकार्पण के मौके पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन भी किया गया, जिसमें कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण सहित बड़ी संख्या में साधु-संतों और उनके अनुयायियों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर उनके शिष्य रवि शास्त्री महाराज ने कहाँ की आज अपने ब्रह्मलीन गुरुजी के जन्मशताब्दी महोत्सव के मौके पर नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया गया है, यह भवन उनकी याद में हरिद्वार आने लाखो श्रद्धालुओं को समर्पित किया है, उन्होंने कहा कि गुरु जी जीवन भर संस्कृत और संस्कृति की रक्षा के लिए कार्य करते रहे, समाज के उत्थान के लिए वह सदैव तत्पर रहते थे, उनकी याद में यह भवन बनाया गया है जो हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान करेगा। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने ब्रह्मलीन महाराज की स्मृतियों को याद करते हुए कहा कि महाराज जी को समाज के उत्थान की बहुत चिंता रहती थी, उन्होंने संस्कृत जगत में बहुत ही उल्लेखनीय कार्य किए हैं उन्होंने कहा कि वह हरिद्वार में मेडिकल कॉलेज बनाने की बात भी हर समय किया करते थे, मंत्री मदन कौशिक ने उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण ने भवन के लोकार्पण पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह भवन देश दुनिया से हरिद्वार आने वाली जनता की सेवा करेगा, जिसका नाम ब्रह्मलीन महाराज की याद में श्याम सुंदर भवन रखा गया है। उन्होंने कहा कि डॉ. श्याम सुंदर दास शास्त्री जी के विचार हर युग में प्रासंगिक रहेंगे वे सादगी की प्रतिमूर्ति थे और विद्वान संतों में उनकी गिनती होती थी श्री निर्मल पंचायती अखाड़ा के अध्यक्ष श्री महन्त ज्ञानदेव सिंह शास्त्री महाराज वेदांताचार्य ने कहा कि महामंडलेश्वर श्री श्यामसुंदर दास शास्त्री जी नए संस्कृत भाषा के लिए बहुत महत्वपूर्ण कार्य किया वे संस्कृत के प्रकांड विद्वान थे।
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