हरिद्वार की गूंज (24*7)

(गगन शर्मा) हरिद्वार। विज्ञान के चमत्कार पर बचपन मे आपने भी छात्र जीवन मे खूब निबंध लिखे होंगे। विज्ञान के चमत्कार का ही सोशल मीडिया हिस्सा है। जिसके माध्यम से आप गूगल के माध्यम से कोई भी जानकारी या पैसों का आदान प्रदान जैसी कई सुविधाओं का लाभ पल में उठा लेते हैं। ये तो हुई लाभ की बात, जैसे सिक्के के दो पहलू होते है ऐसे ही सोशल मीडिया के भी दोनों रुप है सकारात्मक और नकारात्मक। नकारात्मक रूप आजकल ऑनलाइन फ़्रॉड के किस्से बड़े बड़े पुलिस अधिकारियों के मुँह से भी सुनने को मिल रहे हैं। कि उनके नाम का सोशल मीडिया पर अकॉउंट बनाकर उनके जान पहचान वालो से विभिन्न बहाने के माध्यम से पैसे मांगे गए। जब भी आपसे कोई ऑनलाइन पैसे की मांग, लॉटरी का लालच दे तो जल्दबाजी में कोई निर्णय न ले। भलीभांति विवेक से काम ले। ताकि आप किसी भी ऑनलाइन धोखाधड़ी से स्वयं और अपने मित्रगणों को बचा सको। 

दूसरा अहम पहलू:- 

सभी अभिभावकों को जागरूक होने की जरुरत है कि वो अपने बच्चों (लड़का हो या लकड़ी) को फेसबुक से दूर रखें। पिछले कुछ महीनों से फेसबुक जरूरत से ज्यादा अश्लील होती जा रही हैं। जिसके ऊपर वर्तमान समय मे किसी फेसबुक संचालको, सरकार या पुलिस का नियंत्रण नही है। जिसके कारण कुछ समय पूर्व परिवारिक सामाजिक होती फेसबुक आज बच्चों और परिवार के इस्तेमाल करने योग्य नही रही।  सरकार और फेसबुक के संचालको को चाहिए कि फेसबुक पर अश्लीलता फैलाने वाले गैर जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही करें। कुछ समय पहले हरिद्वार के लक्सर से एक युवक को उसकी फोटो से अश्लील छेड़छाड़ करके उसे ब्लैकमेल करने का मामला प्रकाश में आया है। यदि आपके परिवार में कोई बेटी बहन भी फेसबुक पर अपनी व्यक्तिगत फोटो डाल रहे हैं तो उन्हें तत्काल सावधान होने की जरुरत हैं। एक बार किसी लड़की के साथ बदमाश किस्म के लोगो ने अश्लील छेड़छाड़ कर दी। तो जब तक आप पुलिस थाना के चक्कर काटेंगे तब तक बहुत देर हो चुकी होगी। तो इससे पहले कि आप या आपका परिवार नजदीक भविष्य ने किसी अनावश्यक विवाद में फंसे आवश्यकता है कि बच्चों को वर्तमान में फेसबुक, वट्सप जैसी सोशल मीडिया से जहां तक सम्भव हो दूर रखा जाय।

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