हरिद्वार की गूंज (24*7)
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(यतेंद्र कुमार) उत्तर प्रदेश। जिला हरदोई के शाहाबाद ब्लाक के सहादत नगर में चल रहे नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ में असलापुर धाम से पधारे कथा व्यास अनूप ठाकुर महाराज ने अष्टम दिवस में प्रवचन करते हुए कहा कि राम जी से बढ़कर उनके भक्त हैं। राम से बड़ा राम का नाम कहहुं कहां लगि नाम बड़ाई, राम न सकहिं नाम गुण गाई भगवान राम अपने नाम की महिमा स्वयं वर्णन नहीं कर सकते हैं। महाराज ने बताया कशिराज जिस समय भगवान राम जी के दरबार में प्रस्थान करता है और सभी के पैर छू लेता है और गुरुदेव विश्वामित्र के पैर नहीं छूता है गुरुदेव विश्वामित्र जी राम जी से उसका सर कटवाने का बचन ले लेते हैं। इधर देवर्षि नारद काशिराज को माता अंजनी से शरण दिलवा देते हैं, साथ ही महाराज ने बताया लक्ष्मण हनुमान को राम जी काशिराज को मारने का आदेश देते हैं। अंजनी हनुमान को राम जी की सौगंध करवाके काशिराज की रक्षा का वचन ले लेती है, राम जी गुरू की आज्ञानुसार काशिराज को मारने के लिए तैयार होते हैं। अंजनी के द्वारा राम जी की कसम खाने से हनुमान जी बचाने के लिए तैयार होते दोनों में संवाद बढ़ते हुए युद्ध प्रारंभ हो जाता है, अनूप महाराज ने कहा कि अंत में राम जी पशुपति अस्त्र निकाल लेते देवर्षि नारद के कहने से गुरूदेव विश्वामित्र इस युद्ध को बंद कराते हैं अनूप महाराज से पूर्व में प्रवचन करने वाले वक्ताओं में गोविंद मिश्र पुवाया, राजेंद्र पांडेय बिलग्राम का भी प्रवचन हुआ। प्रवचन को श्रवण करने के लिए क्षेत्रीय विधयिका रजनी तिवारी कथा के आयोजक उम्मीद कुमार पाण्डेय प्रधान मंच संचालक जयशंकर त्रिपाठी, रवि अवस्थी, नितेश त्रिवेदी समेत भक्त विराजमान रहें।
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